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शेराथांग युद्ध स्मारक पर सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने

November 08, 2026


नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने शेराथांग युद्ध स्मारक पर (On Sherathang War Memorial) सेना के जवानों के साथ दीपावली मनाई (Celebrated Diwali with Army Personnel) ।


  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दीपावाली के अवसर पर सिक्किम के शेराथांग युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर भारतीय सेना के जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने दीपावली की शुभकामनाएं दी और उनके साहस की सराहना की। रक्षा मंत्री ने कहा, “आप सभी को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएं। मैं शेराथांग वार मेमोरियल के उन शहीदों को नमन करता हूं, जिन्होंने हमारे लिए अपने प्राणों तक के बलिदान दे दिये। आज हम अपने घरों में जो दीपावली के दीप जला पा रहे हैं, उसके पीछे हमारे वीर सैनिकों का सर्वोच्च बलिदान है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा की है। मैं उनके परिवारों को भी दीपावली की शुभकामनाएं देता हूं।”

    रक्षा मंत्री ने कहा, “जब मैं यहां शेराथांग में खड़ा हूं, तो मुझे लगता है कि आप सब एक-एक ‘दीये’ के समान हैं। आपकी रोशनी सिर्फ इस चौकी तक सीमित नहीं है। आपकी रोशनी देश के हर घर तक पहुंच रही है। तकनीक कितनी भी आधुनिक हो, अगर जवान के अंदर अनुशासन और साहस नहीं है, तो तकनीक बेकार है। आपका अनुशासन ही आपकी सबसे बड़ी ताकत है। आप जिस चौकी पर हैं, वहां आपका व्यवहार, आपकी वर्दी, आपकी भाषा और आपका संयम, स्थानीय लोगों के मन में सेना की छवि बनाता है। शेराथांग और आसपास के क्षेत्रों में आम लोगों का सेना के प्रति बहुत स्नेह है। उस स्नेह को बनाए रखना भी आपकी जिम्मेदारी है।”

    राजनाथ सिंह ने कहा, “जिस प्रकार दीपावली का दीया बिना शोर किए अंधेरे से लड़ता है, आपका जीवन भी ऐसा ही है। आप शोर नहीं करते, लेकिन अपनी उपस्थिति से पूरे देश को सुरक्षा का भरोसा देते हैं। जब देश त्योहार मनाता है, तब भी आप सीमाओं पर चौकस रहते हैं। आपके कारण देश के नागरिक चैन से सोते हैं। आपके कारण दीपावली के दीये और भी रोशन लगते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, “शेराथांग जैसे स्मारकों का, किसी भी सभ्यता व संस्कृति के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है। इस वार मेमोरियल ने हमारे जवानों की बहादुरी को इतिहास में हमेशा के लिए अंकित कर दिया है। अब चाहे कितनी भी पीढ़ियां चली जाएं, लेकिन जब तक यह स्थल रहेगा, तब तक यह इस क्षेत्र के लोगों, हमारे जवानों के शौर्य से परिचित कराएगा उन्हें प्रेरणा देगा।”

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