मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (Shiv Sena) के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने विपक्ष और उद्धव ठाकरे गुट पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने महायुति गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि उनके और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मतभेद की खबरें केवल अफवाह हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा कि कुछ लोग लगातार महायुति में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी सभी कोशिशें नाकाम होंगी। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा, “कुत्ते भौंकते रहते हैं, लेकिन बाघ अपना शिकार करता है।” राजनीतिक गलियारों में उनके इस बयान को विपक्ष और विशेष रूप से उद्धव ठाकरे गुट के लिए सीधा संदेश माना जा रहा है।
महायुति को बताया अटूट गठबंधन
शिंदे ने कहा कि विपक्ष बार-बार उनके और फडणवीस के रिश्तों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश करता है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के खिलाफ रची जाने वाली साजिशों की जानकारी भी उन्हें समय-समय पर मिलती रहती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है और उसका मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना है। राजनीतिक अफवाहों का सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
‘अब तक सिर्फ ट्रेलर देखा है’
अपने भाषण में शिंदे ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार के कामकाज की असली तस्वीर अभी सामने आना बाकी है। उन्होंने कहा कि विरोधी दल लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता सब कुछ देख रही है और सही समय पर जवाब भी देगी।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। उन्होंने विशेष रूप से ‘लाडकी बहिन’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे बंद करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
शिंदे ने अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे पर भी अप्रत्यक्ष हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि बालासाहेब ठाकरे आज जीवित होते, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना करते।
शिंदे के अनुसार, राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 हटाना ऐसे मुद्दे थे, जिनका समर्थन बालासाहेब ठाकरे लंबे समय से करते रहे थे और वर्तमान नेतृत्व ने उन संकल्पों को पूरा किया है।
विपक्ष पर लगाए मुद्दाविहीन राजनीति के आरोप
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास अब जनता के सामने रखने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए वह केवल आरोप-प्रत्यारोप और अफवाहों की राजनीति कर रहा है।
उन्होंने दावा किया कि हाल के चुनावों में जनता ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है और आगे भी विकास के एजेंडे पर ही समर्थन मिलेगा। शिवसेना स्थापना दिवस पर दिया गया उनका यह भाषण आगामी राजनीतिक समीकरणों और महायुति की एकजुटता को लेकर महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।
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