नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) में जारी गतिरोध समाप्त कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रयास तेज कर दिए हैं। महिला आरक्षण और परिसीमन (Women’s Reservation – Delimitation) से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों (Constitution Amendment Bills) को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार विपक्ष से बातचीत कर रही है। इसी कड़ी में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पिछले तीन दिनों में तीसरी बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से संपर्क कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार को उम्मीद है कि यदि सहमति बनती है तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में नीट आंदोलन के दौरान कथित बल प्रयोग के मुद्दे पर बयान दे सकते हैं। इससे सदन में चल रहा टकराव समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह संसद में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़ा विधेयक भी पेश कर सकते हैं। विपक्ष की मांग रही है कि शाह सदन में मौजूद होकर नीट आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार का पक्ष रखें। माना जा रहा है कि यदि ऐसा होता है तो दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ सकती है।
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने सरकार के सामने पहले से रखी गई अपनी शर्तों को दोहराया है। उन्होंने नीट आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई पर गृह मंत्री के बयान की मांग के साथ-साथ राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराने की बात भी कही। इसके अलावा उन्होंने परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों पर सभी दलों की बैठक बुलाने का सुझाव दिया है, ताकि व्यापक सहमति बनाई जा सके।
सरकार चाहती है कि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर जल्द सहमति बने। सूत्रों के अनुसार, यदि विपक्ष सहयोग करता है तो मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने या स्वतंत्रता दिवस के तुरंत बाद विशेष सत्र बुलाने का विकल्प भी सरकार के सामने है।
बताया जा रहा है कि सरकार आवश्यक दो-तिहाई समर्थन जुटाने की रणनीति पर भी काम कर रही है। कुछ क्षेत्रीय दलों की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने की भी चर्चा है।
सरकार का मानना है कि परिसीमन प्रक्रिया में देरी होने पर महिला आरक्षण लागू करने की समयसीमा प्रभावित हो सकती है। प्रस्तावित परिसीमन के तहत लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। चूंकि परिसीमन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में दो से तीन वर्ष का समय लग सकता है, इसलिए सरकार इस प्रक्रिया को जल्द शुरू करना चाहती है।
संसदीय गतिरोध समाप्त कराने के लिए किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच लगातार संवाद जारी है। सूत्रों के मुताबिक, पहले फोन पर बातचीत हुई, फिर लंबी बैठक हुई और उसके बाद एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य विपक्ष को साथ लेकर सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाना और महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाना है।
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