
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उज्जैन में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री ने 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए 25000 करोड़ की लागत से हो रहे कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय ऊर्जा, मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ कहा कि महापर्व से जुड़े सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं। उन्होंने स्वच्छता, पेयजल, अपशिष्ट प्रबंधन और मॉनिटरिंग सिस्टम को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी हजारों करोड़ के कार्यों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ-2028 में 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
उज्जैन-इंदौर सहित कई हाईवे बन रहे..
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए हजारों करोड़ रुपए की सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें 1692 करोड़ का उज्जैन-इंदौर सिक्स लेन, 2935 करोड़ का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 5017 करोड़ का उज्जैन-जावरा फोरलेन और 2523 करोड़ का उज्जैन-झालावाड़ मार्ग शामिल हैं। साथ ही 22 नए पुल, 5 रेलवे ओवरब्रिज और 17 नदी पुल भी बनाए जा रहे हैं।
जीरो वेस्ट और ग्रीन सिंहस्थ की तैयारी..
कलेक्टर ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को जीरो वेस्ट सिंहस्थ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हरित सिंहस्थ के लिए 20 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे सालाना 3.2 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। शहर में जलापूर्ति सुधार के लिए 1133 करोड़ रुपए की योजना के तहत 200 एमएलडी जल शोधन संयंत्र, 700 किमी पाइपलाइन नेटवर्क, 17 नई टंकियां और करीब 49 हजार नए जल कनेक्शन दिए जाएंगे।
सिंहस्थ में 490 मेगावाट बिजली की जरूरत, 994 करोड़ की योजना..
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में बताया गया कि सिंहस्थ के दौरान शहर और मेला क्षेत्र की कुल बिजली मांग 490 मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसके लिए नए उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 994 करोड़ रुपए के विद्युत अधोसंरचना कार्य स्वीकृत किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने पीएम सूर्य घर योजना और कुसुम योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए। स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा करते हुए खट्टर ने कहा कि स्वच्छता भोजन और पानी जितनी ही जरूरी है। उन्होंने 16 स्मार्ट शहरों में डिजिटल माध्यमों से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, शौचालयों की वास्तविक जरूरत का सर्वे कराने और सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। बैठक में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर संभागायुक्त आशीष सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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