
चंडीगढ़ । कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा (Congress MP Kumari Sailja) ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण (Due to the policies of the BJP Government) हर वर्ग महंगाई से त्रस्त है (Every Section of society is suffering from Inflation) ।
अखिल भारतीय कांग्रेस की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों के कारण किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर लगातार महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है। सरकार ने एक ओर किसानों की आय दोगुनी करने के वादे किए थे, लेकिन आज स्थिति यह है कि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है और किसान आर्थिक संकट से जूझने को मजबूर हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने पहले ही आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दामों में वृद्धि से छोटे व्यापारियों, होटल एवं रेस्तरां संचालकों तथा अन्य सेवा क्षेत्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। इसका सीधा असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है, जिससे महंगाई लगातार बढ़ रही है।
सांसद ने कहा कि अब खाद और उर्वरकों की कीमतों में भारी वृद्धि ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। विभिन्न प्रकार के एनपीके उर्वरकों तथा पोटाश के दामों में सैकड़ों रुपये प्रति बैग की बढ़ोतरी हुई है। इससे खेती की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और किसान के लिए फसल उत्पादन पहले से कहीं अधिक महंगा हो गया है। खेती में पहले ही डीजल, बिजली, बीज, कीटनाशक और मजदूरी की लागत बढ़ चुकी है, ऐसे में खाद की कीमतों में बढ़ोतरी किसानों पर दोहरी मार साबित हो रही है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है। यदि खेती लाभकारी नहीं रहेगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और इसका असर पूरे देश पर पड़ेगा। इसलिए केंद्र सरकार को किसानों को राहत देने के लिए उर्वरकों की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण, पर्याप्त सब्सिडी तथा कृषि लागत कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस लगातार किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों की आवाज उठाती रही है और आगे भी बढ़ती महंगाई तथा कृषि संकट के मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी। सरकार को केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर ऐसे निर्णय लेने चाहिए जिनसे किसानों और आम नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।
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