
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) और डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर (Democratic Congresswoman Ilhan Omar) के बीच जारी राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में है। वॉशिंगटन डीसी स्थित उमर के घर पर संघीय अधिकारियों की छापेमारी (Raid) के बाद ट्रंप ने उन्हें ‘पूरी तरह बेईमान’ और ‘बुरा इंसान’ बताया। ट्रंप पहले भी उमर पर निशाना साधते हुए आरोप लगा चुके हैं कि वह अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से दाखिल हुई थीं और देश में प्रवेश पाने के लिए उन्होंने अपने भाई से शादी की थी।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह छापेमारी एक जारी संघीय जांच का हिस्सा है। मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि जांच कथित इमिग्रेशन फ्रॉड से संबंधित है। हालांकि, जांच के आरोपों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
अदालत के वारंट के आधार पर हुई कार्रवाई
अमेरिकी न्याय विभाग ने बताया कि होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI) के अधिकारियों ने अदालत से जारी वारंट के आधार पर कार्रवाई की। सोमवार को वॉशिंगटन में इल्हान उमर के घर के बाहर HSI की जैकेट पहने कई एजेंट दिखाई दिए।
न्याय विभाग के प्रवक्ता ने भी पुष्टि की कि वॉशिंगटन डीसी में विभाग की ओर से सुरक्षित किए गए अदालती वारंट के तहत यह कार्रवाई की गई। प्रवक्ता के मुताबिक, छापेमारी एक जारी संघीय जांच का हिस्सा है।
उमर ने ट्रंप प्रशासन पर लगाया राजनीतिक बदले का आरोप
इल्हान उमर ने कार्रवाई के बाद ट्रंप प्रशासन पर राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने और संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों का इस्तेमाल अपने विरोधियों के खिलाफ करने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह ठीक हैं और इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रयास के तौर पर देखती हैं।
उमर ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं ठीक हूं। कोई गलती न करें… ये राजनीतिक दुश्मनों को निशाना बनाने और संघीय कानून प्रवर्तन को हथियार बनाने की कोशिश है।”
उन्होंने आगे कहा कि पिछले दस वर्षों से ट्रंप उन्हें कथित तौर पर बेबुनियाद आरोपों और बदनाम करने वाले अभियानों के जरिए निशाना बनाते रहे हैं। उमर के मुताबिक, उनके खिलाफ हुई यह कार्रवाई ट्रंप के राजनीतिक डराने-धमकाने के अभियान का नया कदम है। उन्होंने साफ कहा कि वह चुप नहीं रहेंगी।
इस घटनाक्रम ने ट्रंप और उमर के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक ओर न्याय विभाग ने कार्रवाई को संघीय जांच का हिस्सा बताया है, वहीं उमर ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। जांच के नतीजे सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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