
नई दिल्ली. लोकसभा (Lok Sabha) में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को इंडिया ब्लॉक (INDIA bloc) के नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक मार्च निकाला और फिर शाम को SIR के खिलाफ याचिका दायर की. सोमवार को दिनभर इस मार्च को लेकर गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही और मंडी हाउस से सुप्रीम कोर्ट के बीच की दूरी में जनसैलाब उमड़ा.
इस दौरान SIR के विरोध में नारे लगते रहे और इसी बीच राहुल गांधी की लीगल टीम ने सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर याचिका दायर की. देर शाम सामने आया कि इंडिया गठबंधन की ये याचिका सुनवाई के लिए लिस्टेड नहीं हो सकी है. साथ ही इसमें 14 खामियां भी पाई गई हैं.
वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची INDIA गठबंधन की याचिका फिलहाल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध नहीं हो सकी है. सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया में 14 खामियां पाई हैं. इनमें कई विपक्षी नेताओं के वकालतनामे पर हस्ताक्षर नहीं होने, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट प्रति नहीं होने और कोर्ट फीस कम जमा किए जाने जैसी आपत्तियां शामिल हैं.
रजिस्ट्री ने संविधान के आर्टिकल 32 के तहत दाखिल इस रिट याचिका में चुनाव आयुक्तों को व्यक्तिगत रूप से प्रतिवादी बनाए जाने पर भी सवाल उठाया है. रजिस्ट्री ने स्पष्टीकरण मांगा है कि इस तरह की याचिका में व्यक्तिगत चुनाव आयुक्तों को प्रतिवादी क्यों बनाया गया है.
अखिलेश यादव और तेजस्वी समेत 9 नेताओं के वकालतनामे पर हस्ताक्षर नहीं
रजिस्ट्री की आपत्तियों में एक अहम मुद्दा वकालतनामे से जुड़ा है. याचिकाकर्ता संख्या 3 से 11 तक के वकालतनामे उपलब्ध नहीं हैं. इन पर संबंधित नेताओं के हस्ताक्षर भी नहीं हैं. इन नेताओं में अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और डी. राजा तक के नाम शामिल हैं.
इन नेताओं के हस्ताक्षर नहीं
1. सौगत रॉय
2. अखिलेश यादव
3. तेजस्वी यादव
4. संजय राउत
5. एम. ए. बेबी
6. डी. राजा
7. महुआ माझी
8. सुप्रिया सुले
9. ई. टी. मोहम्मद बशीर
वकालतनामा वह दस्तावेज होता है, जिसके जरिए कोई याचिकाकर्ता अपने वकील को अदालत में उसकी ओर से मामला दाखिल करने और पैरवी करने का अधिकार देता है.
खड़गे के पहचान पत्र की स्पष्ट कॉपी मांगी
सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की साफ और पढ़ने योग्य प्रति दाखिल करने को भी कहा है. इसके अलावा याचिका दाखिल करने के लिए जमा की गई कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी पाई गई है. रजिस्ट्री ने याचिका के आधार बनाए गए दस्तावेजों की प्रतियां स्पष्ट नहीं होने पर भी आपत्ति जताई है. रजिस्ट्री ने चुनाव आयोग के 24 जून 2025 के फैसले और SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित अन्य दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां पेन ड्राइव में उपलब्ध कराने को कहा है.
सुनवाई के लिए लिस्टेड नहीं हो सकी याचिका
इन खामियों के चलते INDIA गठबंधन की याचिका फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए लिस्टेड नहीं हो सकी है. रजिस्ट्री ने याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया से जुड़ी कुल 14 आपत्तियां दर्ज की हैं. बता दें कि INDIA गठबंधन ने अपनी याचिका में SIR से जुड़े चुनाव आयोग के फैसलों का पूरा रिकॉर्ड अदालत के सामने पेश करने की मांग की है. इसमें 24 जून 2025 को SIR शुरू करने के फैसले से संबंधित फाइलें, बैठकों के एजेंडे, कार्यवाही का विवरण और चुनाव आयुक्तों की ओर से दर्ज आपत्तियां भी शामिल हैं.
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