मुंबई। महाराष्ट्र में खाद्य प्रतिष्ठानों (Food establishments in Maharashtra) की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने अभियान तेज कर दिया है। FDA प्रमुख तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत मुंबई के मशहूर 108 साल पुराने ओलंपिया कैफे का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जांच के दौरान कैफे के खाद्य भंडारण क्षेत्र में शौचालय, पुराने मांस और फ्रिज में खून मिलने के साथ रसोई में तिलचट्टे पाए जाने की बात सामने आई।
FDA ने मुंबई के बीएमसी संचालित नायर अस्पताल की कैंटीन का लाइसेंस भी रद्द किया है। राज्य में अब तक 14 बड़े रेस्तरां और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कोलाबा स्थित ओलंपिया कैफे के निरीक्षण के दौरान उसके फूड स्टोरेज एरिया में ही टॉयलेट बना मिला। FDA ने इसे खाद्य पदार्थों के लिए संक्रमण के जोखिम से जुड़ा गंभीर उल्लंघन माना। जांच में रेफ्रिजरेटर में पुराना मांस और खून पाए जाने तथा किचन में तिलचट्टे होने की भी जानकारी सामने आई।
इसके अलावा खाद्य पदार्थों के रखरखाव और रसोई की स्वच्छता से जुड़े कई मानकों का पालन नहीं किया गया था। इसके आधार पर FDA ने कैफे का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की।
FDA ने बीएमसी द्वारा संचालित नायर अस्पताल की कैंटीन का लाइसेंस भी रद्द कर दिया है। इसके अलावा चेंबूर के ब्लिंकिट स्टोर, विश्वास स्वीट्स एंड स्नैक्स, ए-1 जनरल एंड ड्राई फ्रूट तथा वर्ली के मिलन पंजाब समेत कई प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में राज्यभर में 1,800 से अधिक होटलों, क्लबों और ढाबों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान तिलचट्टों से भरी रसोई, बिना ढके कच्चे मांस और गंदे बर्तनों समेत खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर उल्लंघन सामने आए। इन मामलों में 199 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
FDA के आंकड़ों के मुताबिक, पुणे संभाग में सबसे अधिक 4,261 निरीक्षण किए गए और 168 लाइसेंस निलंबित किए गए। कोंकण संभाग में 3,142 निरीक्षण और 108 निलंबन, जबकि ग्रेटर मुंबई में 1,451 निरीक्षण के दौरान 121 लाइसेंस निलंबित किए गए।
अन्य संभागों में नासिक में 1,356 निरीक्षण और 56 निलंबन, छत्रपति संभाजीनगर में 1,173 निरीक्षण और 61 निलंबन, अमरावती में 989 निरीक्षण और 45 निलंबन तथा नागपुर में 711 निरीक्षण और 44 निलंबन दर्ज किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की अनुसूची चार से जुड़े गंभीर उल्लंघन पाए गए। इनमें साफ पानी और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होना, कोल्ड चेन का पालन नहीं करना, रेफ्रिजरेटर का तापमान मानकों के अनुरूप नहीं रखना, रसोई में तिलचट्टे होना तथा भोजन बनाने और परोसने के दौरान स्वच्छता का ध्यान नहीं रखना शामिल है।
FDA ने खाद्य प्रतिष्ठानों को प्रशीतन व्यवस्था और साफ-सफाई से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए 948 सुधार नोटिस भी जारी किए हैं।
जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में इमारतों की खराब स्थिति, खुले कंटेनरों में कच्चा चिकन रखना, कटी हुई सब्जियों को बिना ढके छोड़ना और पानी की जांच का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होना जैसी कमियां सामने आईं। फर्श, बर्तन और भोजन के संपर्क में आने वाली सतहों की पर्याप्त सफाई नहीं होने के मामले भी दर्ज किए गए।
FDA के अभियान का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान गंभीर उल्लंघन मिलने पर लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
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