कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य प्रशासन के पक्षपातपूर्ण रवैए की वजह से बंगाल के लोगों के दिलों में दर्द और सिर शर्म से झुका हुआ है।
दरअसल, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कविता है जिसमें उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा है कि हे भगवान! मेरा देश ऐसा बने जहां मन में कोई डर न हो और सिर गर्व से ऊंचा रहे। इसी लाइन पर ट्वीट करते हुए राज्यपाल ने आईएएस एसोसिएशन और आईपीएस एसोसिएशन को टैग करते हुए लिखा है कि अमूमन ऐसा होता है कि अधिकारी अपनी योग्यता के आधार पर पद हासिल करते हैं लेकिन बंगाल में अफसोस की बात यह है कि कई प्रतिभाशाली अधिकारी हैं, जिन्हें सिर्फ इसीलिए किनारे लगाकर रखा गया है क्योंकि वे राजनीतिक तौर पर गुलामी करने को तैयार नहीं हैं। वे अधिकारी शीर्ष पर बैठे हैं जो ममता बनर्जी की सरकार का राजनीतिक मोहरा बनने को तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि अधिकारियों को राजनीतिक तटस्थता तथा कानून और संविधान के पालन के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इसमें लापरवाही स्वीकार्य नहीं है और एसोसिएशन को इस बारे में गौर करना चाहिए।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टैग करते हुए लिखा है कि पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक ताने-बाने को तबाह किया जा रहा है। यहां आम लोगों के मन में भय भरा हुआ है और सिर शर्म से झुका हुआ है। कानून व्यवस्था से लेकर मानवाधिकार और राजनीतिक प्रतिशोध की स्थिति यहां डरावनी है।
अपने आखिरी ट्वीट में राज्यपाल ने कहा है कि बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों को पूरी तरह से खत्म करने की कोशिश हो रही है। यहां अवैध तरीके से बम बनाने के कारखाने स्थापित किए गए हैं और इसमें सत्तारूढ़ पार्टी के लोग शामिल हैं। लोगों को विवेकानंद के उन वाक्यों को याद करना चाहिए, जिसमें उन्होंने कहा था कि देर होने से पहले जाग जाओ।
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