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JPSC-JSSC विवाद पर छात्रों और सरकार की पहली बैठक खत्म, बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

August 08, 2026

रांची। झारखंड में (JPSC) और (JSSC) परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन (Agitation / Protest Movement) कर रहे छात्रों और राज्य सरकार के बीच शुक्रवार को पहले दौर की बातचीत हुई। स्टेट गेस्ट हाउस (State Guest House) में करीब 10 छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों की समिति के साथ बैठक की। छात्रों ने अपनी मांगों और उनके आधार को विस्तार से समिति के सामने रखा।

बैठक के बाद छात्रों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, लेकिन साफ कर दिया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा। छात्रों ने 10 अगस्त तक ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई है।



  • चार मंत्रियों के पैनल ने की छात्रों से बातचीत

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने छात्रों की मांगों पर बातचीत के लिए चार मंत्रियों की समिति बनाई थी। इसमें झामुमो के चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार सोनू, कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह और राजद के संजय प्रसाद यादव शामिल हैं।

    सरकार से बातचीत के लिए 10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल आंदोलन कर रहे मुख्य छात्र समूह से जुड़ा बताया गया, जो देवेंद्र महतो के गुट से अलग है।

    प्रतिनिधिमंडल में रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार शामिल थे।

    छात्रों ने कहा- बातचीत का माहौल सकारात्मक रहा

    बैठक के बाद छात्र नेता रवीन्द्र पासवान ने इसे सकारात्मक बातचीत बताया। उन्होंने कहा कि पहली बैठक में सभी पक्षों ने बैठकर छात्रों की समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें उम्मीद है कि सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्री उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेंगे।

    उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से छात्रों की बात सुनी गई है और अब उन्हें मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा।

    ‘एक भी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन जारी रहेगा’

    बैठक से पहले रवीन्द्र पासवान ने स्पष्ट कर दिया था कि छात्रों का प्रतिनिधिमंडल आंदोलन कर रहे युवाओं की ओर से सरकार के सामने सभी मांगें रखेगा।

    उनके मुताबिक, छात्र किसी एक मांग के बजाय अपनी सभी मांगों पर कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने कहा था कि यदि एक भी मांग पूरी नहीं हुई तो छात्र सरकार की बातचीत को सफल नहीं मानेंगे और धरना जारी रखेंगे।

    बैठक के बाद भी छात्रों ने यही रुख दोहराया। उनका कहना है कि फिलहाल सरकार ने उनकी मांगें सुनी हैं और उन्हें आश्वासन दिया है, लेकिन अंतिम फैसला मांगों पर वास्तविक कार्रवाई होने के बाद ही होगा।

    जल्द होगी सरकार से दूसरे दौर की बातचीत

    कोर कमेटी के एक सदस्य ने कहा कि मंत्रियों के साथ बैठक सकारात्मक रही। सरकार छात्रों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने वाली है और जल्द ही दोबारा बातचीत हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि जब तक सरकार की ओर से ठोस भरोसा नहीं मिलता, प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, अगर सरकार की ओर से सकारात्मक कार्रवाई होती है तो 10 अगस्त को विधानसभा तक प्रस्तावित मार्च को लेकर छात्र दोबारा विचार कर सकते हैं।

    ‘मंत्रियों ने माना कि मांगें वास्तविक हैं’

    छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य राजेश प्रसाद ने बताया कि 10 छात्रों ने चार मंत्रियों के सामने अपनी सभी मांगें विस्तार से रखीं। उन्होंने कहा कि बातचीत का माहौल बेहद सहज था और छात्रों को लगा कि उनकी बात ध्यान से सुनी जा रही है।

    राजेश प्रसाद के मुताबिक, मंत्रियों ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना और यह भी माना कि उनकी मांगें वास्तविक हैं। उन्होंने दावा किया कि CGL-JPSC परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को भी मंत्रियों के सामने विस्तार से रखा गया।

    प्रसाद ने कहा कि छात्रों और सरकार के बीच अब तक संवाद की कमी थी और मंत्रियों को उनकी मांगों के आधार और उससे जुड़े तथ्यों की पूरी जानकारी नहीं थी। बैठक के दौरान छात्रों ने इन सभी बिंदुओं को विस्तार से समझाया।

    10 अगस्त तक कार्रवाई की मांग

    आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के सामने स्पष्ट समयसीमा भी रखी है। उनका कहना है कि उनकी सभी मांगों पर 10 अगस्त से पहले कार्रवाई होनी चाहिए।

    छात्रों का दावा है कि उनकी मांगों पर कार्रवाई सिर्फ मौजूदा आंदोलन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

    उन्होंने कहा कि अभी सरकार ने केवल मांगें सुनी हैं और उन्हें पूरा करने का भरोसा दिया है। जब तक मांगें वास्तव में पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।



  • मंत्री बोलीं- मुख्यमंत्री के सामने रखी गई मांगें

    बैठक के बाद झारखंड की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों ने अपनी मांगों को सार्वजनिक करने के साथ-साथ उन्हें विस्तार से सरकार के सामने रखा है।

    उन्होंने बताया कि कुछ मुद्दों पर छात्रों से लिखित जानकारी भी मांगी गई है, जो जल्द मिलने की उम्मीद है। मंत्री के मुताबिक, छात्रों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा जा चुका है और सरकार जल्द समाधान निकालने की कोशिश करेगी।

    फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत का पहला दौर सकारात्मक रहा है, लेकिन छात्रों ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया है। अब निगाहें सरकार की अगली कार्रवाई और 10 अगस्त की तय समयसीमा पर हैं।

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