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पहले प्रार्थना फिर चोरी, पुजारी के भेष में आया आरोपी, सीसीटीवी ने खोली पोल

March 02, 2026

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे (Maharashtra ,Pune) से आस्था को झकझोर देने वाली एक हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है। चिंचवड़ स्थित भगवान श्री आदेश्वर शंकेश्वर पार्श्वनाथ(Lord Shri Aadeshvar Shankeshwar) जैन मंदिर में एक शातिर चोर(cunning thief) ने पुजारी का भेष धारण कर मंदिर को ही निशाना बना डाला। आरोपी करीब एक किलो वजन का चांदी का मुकुट चुराकर फरार(absconded after stealing the silver crown) हो गया जिसकी कीमत लगभग ढाई लाख रुपये बताई जा रही है।

घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि आरोपी पुजारी जैसे वस्त्र पहनकर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करता है। वह पहले बड़ी श्रद्धा से हाथ जोड़कर दर्शन करता है, फिर बड़े आराम से मुकुट को कपड़े से ढक देता है और बाहर निकल जाता है। कुछ देर बाद वह दोबारा अंदर आता है और मौका देखकर चांदी का मुकुट उठाकर वहां से फरार हो जाता है।

मंदिर प्रबंधन को जब मुकुट गायब होने की जानकारी मिली तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए Pimpri Chinchwad Police की क्राइम ब्रांच यूनिट 1 ने जांच अपने हाथ में ली। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की गई और महज 48 घंटे के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेश अगरचंद जैन के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि उसके खिलाफ पहले से करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या उसने पहले भी इस तरह धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया है।

इस घटना ने स्थानीय श्रद्धालुओं को स्तब्ध कर दिया है। जिस स्थान पर लोग श्रद्धा और विश्वास लेकर पहुंचते हैं, वहीं इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लोगों को राहत जरूर मिली है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। सीसीटीवी निगरानी को और मजबूत करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


  • आस्था की आड़ में की गई इस चोरी ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी किसी भी हद तक जा सकते हैं, लेकिन साथ ही यह भी साबित हुआ कि सतर्कता और तकनीक की मदद से कानून के हाथ लंबे होते हैं।

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