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पहले सुपरबग अब कुछ और… भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में फंसीं, NASA पर उठे सवाल

डेस्क: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी 6 जून को अंतरिक्ष यान में सवार होकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचे थे. वहां पहुंचने के बाद सुनीता और उनके क्रू के 8 सदस्यों कई मुश्किलें हुईं. तब NASA ने अनुमान लगाया था कि वे एक सप्ताह तक यहां रहेंगे, उसके बाद वापस आ जाएंगे, लेकिन हीलियम लीक होने और सुपरबग के खतरे के कारण काफी सवाल खड़े हुए.

नासा ने अब मंगलवार को बताया कि सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी 26 जून से पहले नहीं लौट पाएंगे. नासा ने मंगलवार को घोषणा की है कि मिशन को कम से कम 20 दिनों तक बढ़ा दिया गया है. अंतरिक्ष यान स्पेस स्टेशन से सुरक्षित रूप से जुड़ा है और इसकी समस्या का पता लगाया जा रहा है. अधिकारियों ने कहा कि यह मानने का कोई कारण नहीं कि स्टारलाइनर अंतरिक्ष यात्रियों को वापस नहीं ला पाएगा. हम कुछ और डेटा के जरिए काम करना चाहते हैं. नासा का कहना है कि जरूरत पड़ने पर स्टारलाइनर ISS में 45 दिन बिता सकता है.


अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स भारतीय मूल की हैं. उन्होंने 6 जून को तीसरी बार अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी. साल 2012 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा के दौरान विलियम्स अंतरिक्ष में ट्रायथलॉन पूरा करने वाली पहली व्यक्ति बनी थीं. सुनीता को 1998 में नासा ने अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना था और वह 2 अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बनीं. 6 जून को बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची थीं. क्रू के 7 अन्य सदस्य लंबे समय से आईएसएस पर रह रहे हैं. आमतौर पर स्पेस स्टेशन में चिंता का विषय अंतरिक्ष में उड़ने वाले मलबे और उल्कापिंड होते हैं, लेकिन इस बार सुपरबग ने काफी चिंता बढ़ा दी. अब नासा की तरफ से वापस लौटने की तारीख भी बढ़ा दी गई है.

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