img-fluid

बाढ़ का कहर: पटना में खतरे के निशान से ऊपर गंगा, 13 जिलों मे अलर्ट

September 04, 2026

पटना: बिहार में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने बाढ़ का संकट और गहरा कर दिया है. राजधानी पटना समेत राज्य के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कई घाट पानी में डूब चुके हैं. प्रशासन ने हालात को देखते हुए हाई अलर्ट जारी कर बचाव और राहत कार्य तेज कर दिए हैं.

पटना में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. दीघा में नदी का जलस्तर खतरे के निशान 39.33 मीटर को पार कर 39.36 मीटर पहुंच गया है. वहीं गांधी घाट पर जलस्तर 50.25 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान से 1.65 मीटर ऊपर है. बढ़ते जलस्तर के चलते कई घाट जलमग्न हो गए हैं और निचले इलाकों में भी खतरा बढ़ गया है.

बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पटना प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. पटना के डीएम कुंदन कुमार, एसएसपी और नगर आयुक्त ने दीघा घाट, बिंद टोली, एलसीटी घाट और गोसाई टोला समेत कई प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया. शहर में बाढ़ का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए पटना टाउन प्रोटेक्शन वॉल से जुड़े 108 रास्तों को सील कर दिया गया है. इसके अलावा 13 स्लुईस गेट में सामने आए लीकेज को भी दुरुस्त कराया गया है.


  • बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हालात की कमान संभाल ली है. स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री शुक्रवार को प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वे करेंगे. इस दौरान वह उफान पर आई नदियों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई जायजा लेंगे. एरियल सर्वे के बाद दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे. बैठक में बाढ़ की स्थिति, राहत-बचाव अभियान और प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी.

    आपदा की आशंका को देखते हुए NDRF और SDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है. बचाव दलों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा सके. प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल, शुद्ध पेयजल, सूखा राशन और मेडिकल किट की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं. राहत शिविरों में दवाओं और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.

    गंगा के साथ सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घाघरा नदियां भी उफान पर हैं. भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, भागलपुर, लखीसराय और जहानाबाद समेत कई जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. सरकार का कहना है कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रशासन को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं.

    Share:

  • सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved