नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावे (Ram Mandir) की कथित चोरी, बेरोजगारी, शिक्षा, पेपर लीक, किसानों (Unemployment, education, paper leaks, farmers) की समस्याओं और पेट्रोल में इथेनॉल की 20 प्रतिशत तक हिस्सेदारी यानी E-20 समेत कई मुद्दों को लेकर कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन (Congress nationwide movement) की तैयारी में है। पार्टी की रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करेंगे।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी इन मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए प्रस्ताव भी पारित कर सकती है। छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को भी कांग्रेस प्रमुखता से उठा सकती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े विषय कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इन मुद्दों पर पार्टी सरकार के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेगी।
कांग्रेस का कहना है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर उसने सरकार पर कई मुद्दों को लेकर दबाव बनाया। अब इन्हीं मुद्दों को सड़क पर उठाने की तैयारी है।
पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण का मुद्दा भी कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन का अहम हिस्सा बन सकता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोशल मीडिया के जरिए E-20 को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर कर चुके हैं। कांग्रेस का मानना है कि महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और किसानों की समस्याओं के साथ E-20 का मुद्दा भी आम लोगों को प्रभावित करता है।
पार्टी इन सभी विषयों को जोड़कर केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक जनअभियान चलाने की तैयारी में है।
CWC की बैठक में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भी रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में चुनाव होने हैं। उत्तराखंड में कांग्रेस का मुकाबला सीधे भाजपा से है, जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में है। ऐसे में इन राज्यों के राजनीतिक समीकरण और संगठन की तैयारियां भी बैठक के एजेंडे में रह सकती हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सोमवार को गोवा पहुंचेंगे, जहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडणकर के मुताबिक, यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित गोवा विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है।
खरगे दक्षिण गोवा के वेरना गांव में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब खरगे गोवा में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करेंगे।
इस बीच तमिलनाडु के कांग्रेस विधायक जमाल मोहम्मद यूनूस ने उत्तराखंड में मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कथित भेदभाव को लेकर निंदा प्रस्ताव भी रखा है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी विपक्षी नेताओं के लिए नहीं थी, बल्कि उन लोगों के लिए थी जो माओवादियों और अलगाववादियों का समर्थन करते हैं।
रिजिजू ने सोशल मीडिया पोस्ट में ऐसे लोगों को ‘दिमागी नक्सली’ बताते हुए कहा कि इसमें माओवाद का समर्थन करने वाले, संविधान को नहीं मानने वाले, अलगाववादियों के साथ खड़े होने वाले और अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वाले लोग शामिल हैं। उन्होंने ऐसे लोगों का भी उल्लेख किया जो पूर्वोत्तर को भारत से अलग करने के लिए ‘चिकन नेक’ को काटने की बात करते हैं।
रिजिजू के बयान पर कांग्रेस नेता और राज्यसभा सदस्य पवन खेड़ा ने तंज कसा। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पहले गिनती ठीक कर लें, फिर कांग्रेस जवाब देगी। खेड़ा ने कहा कि एक और दो के बाद तीन आता है, चार नहीं।
इसके बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी रिजिजू के बयान पर कटाक्ष करते हुए इसे ‘एंटायर पॉलिटिकल साइंस’ का कमाल बताया। इस बयानबाजी के बीच कांग्रेस की नजर अब इन मुद्दों को बड़े जनआंदोलन में बदलने और आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक फायदा हासिल करने पर है।
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