img-fluid

बच्चों को अगवा कर बनाते थे भिखारी! रांची में खुला गिरोह का राज

September 27, 2026

रांची: झारखंड के रांची रेलवे स्टेशन के बाहर से गायब हुए चार साल के बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. बच्चे के अपहरण के मामले में रांची पुलिस ने साहिबगंज पुलिस के सहयोग से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों से छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करने के बाद उन्हें साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में रखते थे. यहां बच्चों से भीख मंगवाने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है.

मामला 24 सितंबर की सुबह का है. बच्चे की मां अपने चार वर्षीय बेटे के साथ छत्तीसगढ़ स्थित अपने घर लौट रही थी. ट्रेन बदलने के लिए वह रांची रेलवे स्टेशन पहुंची थी. ट्रेन के इंतजार के दौरान स्टेशन परिसर के बाहर से उसका चार वर्षीय बेटा अचानक गायब हो गया. काफी तलाश के बाद बच्चे का पता नहीं चला तो मां ने रांची के चुटिया थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई. मामला संवेदनशील होने के कारण रांची पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए विशेष टीम का गठन किया.

विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए बच्चे से जुड़े सुराग जुटाने शुरू किए. जांच के दौरान पुलिस को अपहरण में शामिल एक आरोपी के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद रांची पुलिस ने धनबाद पुलिस के सहयोग से एक आरोपी को धनबाद रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया.


  • गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद रांची पुलिस ने साहिबगंज पुलिस की मदद से तीनपहाड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर साहिबगंज जिले के तीनपहाड़ इलाके से अपहृत चार वर्षीय बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया. बच्चे की बरामदगी के बाद चुटिया थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी.

    पुलिस की शुरुआती पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों के आसपास छोटे बच्चों को बहला-फुसलाकर अगवा करते थे.

    इसके बाद बच्चों को साहिबगंज के तीनपहाड़ इलाके में अलग-अलग जगहों पर रखा जाता था. आरोप है कि बच्चों को भीख मांगने के लिए तैयार किया जाता था. पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि बच्चों का इस्तेमाल अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया जाता था. हालांकि, गिरोह के पूरे नेटवर्क और बच्चों से कराए जाने वाले अपराधों की जानकारी पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

    बच्चे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में रांची पुलिस को धनबाद, जामताड़ा और साहिबगंज पुलिस के साथ पुलिस महानिरीक्षक, संथाल परगना का सहयोग मिला. गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से फिलहाल पूछताछ जारी है. पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पहले से गायब बच्चों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है.

    Share:

  • जब पिंडदान का साक्षी बना कौवा, फिर माता सीता ने क्यों दिया उसे श्राप?

    Sun Sep 27 , 2026
    डेस्क: पितृ पक्ष में पितरों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है. इन दिनों कौवे को भोजन कराने का भी विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कौवे को पितरों का स्वरूप और यमराज का दूत माना जाता है. यही वजह है कि पितृ पक्ष में कौवे को भोजन खिलाकर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved