लंदन। ब्रिटेन में वर्षों से विवादों में रहे ग्रूमिंग गैंग्स (Grooming Gangs) और संगठित यौन शोषण (Organized Sexual Exploitation) के मामलों ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। ब्रिटिश सांसद रूपर्ट लो (British MP Rupert Low) ने संसद में इस मुद्दे पर भावुक और तीखा भाषण देते हुए कथित पीड़िताओं की गवाहियों का हवाला दिया और सरकार से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
संसद में बोलते हुए रूपर्ट लो ने कहा कि उनकी स्वतंत्र जांच रिपोर्ट जल्द सार्वजनिक की जाएगी, जो इस पूरे मामले को लेकर बड़े सवाल खड़े कर सकती है। उन्होंने सांसदों से अपील की कि पीड़ितों की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाए और केवल बहस तक सीमित रहने के बजाय निर्णायक कदम उठाए जाएं।
पीड़िताओं की गवाहियों ने झकझोरा
सांसद द्वारा पढ़े गए बयानों में लंबे समय तक कथित यौन शोषण, धमकियों, हिंसा और डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। कुछ गवाहियों में दावा किया गया कि किशोर उम्र की लड़कियों को बहला-फुसलाकर या दबाव बनाकर लंबे समय तक शोषण का शिकार बनाया गया।
एक पीड़िता के बयान का हवाला देते हुए सांसद ने कहा कि उसने किशोरावस्था में लगातार कई लोगों द्वारा शोषण का सामना करने का आरोप लगाया। कुछ पीड़िताओं ने यह भी दावा किया कि उनके धार्मिक विश्वासों का मजाक उड़ाया जाता था और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
एक अन्य गवाही में आरोप लगाया गया कि त्योहारों और छुट्टियों के दौरान कथित तौर पर ऐसे आयोजन अधिक बड़े और हिंसक हो जाते थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और कानूनी सत्यापन की प्रक्रिया अभी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पुलिस और संस्थाओं पर भी सवाल
रूपर्ट लो द्वारा संसद में रखी गई गवाहियों में केवल आरोपियों ही नहीं, बल्कि कुछ सार्वजनिक संस्थाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और पुलिस तंत्र की कथित विफलताओं का भी जिक्र किया गया। कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई।
एक कथित पीड़िता ने दावा किया कि अस्पताल में गंभीर हालत में पहुंचने के बावजूद उससे पर्याप्त पूछताछ नहीं की गई और मामले की गहराई से जांच नहीं हुई। इन आरोपों ने ब्रिटेन की बाल सुरक्षा प्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मुद्दा पहली बार 2000 के दशक की शुरुआत में प्रमुखता से सामने आया था। बाद में रोशडेल, रदरहैम, ओल्डहैम, टेलफोर्ड और ऑक्सफोर्ड समेत कई शहरों में संगठित नेटवर्क की जांच और कानूनी कार्रवाई हुई।
‘पाकिस्तान कनेक्शन’ पर बहस
रूपर्ट लो की ओर से पहले जारी रिपोर्टों और सार्वजनिक बयानों में दावा किया गया है कि कई मामलों में आरोपियों की पृष्ठभूमि ब्रिटिश-पाकिस्तानी समुदाय से जुड़ी रही है। हालांकि, विशेषज्ञ और कानून प्रवर्तन एजेंसियां लगातार यह भी कहती रही हैं कि अपराध को किसी पूरे समुदाय या धर्म से जोड़ने के बजाय व्यक्तिगत अपराधियों और संगठित नेटवर्क के स्तर पर देखा जाना चाहिए।
अपने संबोधन के अंत में सांसद लो ने कहा कि अब समय आ गया है कि ब्रिटेन की संस्थाएं अपनी कमियों की समीक्षा करें और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मजबूत कदम उठाए जाएं।
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