
नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Khadge) ने कहा कि छात्रों के प्रति (Towards Students) सरकार असंवेदनशील रवैया अपना रही है (Government is adopting an Insensitive Attitude) ।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार परीक्षाओं का निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन नहीं करा पा रही है तो इसकी जिम्मेदारी किसी सक्षम संस्था को सौंप देनी चाहिए। उन्होंने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। खड़गे ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि पूरा विपक्ष सदन में पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचाया है और देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित आरोपों पर भी सरकार से स्पष्टीकरण देने की मांग की।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए, ताकि संबंधित पक्ष अपना पक्ष रख सकें। उनके अनुसार, यदि सरकार चर्चा की अनुमति देती है तो सदन सुचारु रूप से चल सकता है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले कई महीनों से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत नीट परीक्षा का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की केवल यही मांग है कि इन विषयों पर संसद में चर्चा कराई जाए। थरूर ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बच रही है, जबकि लोकतंत्र में संसद का उद्देश्य महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर खुली बहस करना है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत है, इसलिए उसे चर्चा से नहीं डरना चाहिए। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर चिंता जताते हुए थरूर ने कहा कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था तो बल प्रयोग की आवश्यकता समझ से परे है और यह बेहद दुखद घटना है।
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने भी छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि सपा सांसद डिंपल यादव के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल छात्रों से मिलने गया । उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है और सरकार को उनसे संवाद कर उनकी चिंताओं का समाधान करना चाहिए।
संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग के आरोपों का मुद्दा उठाया। विपक्षी नेताओं ने इन मामलों पर सरकार से जवाब और जवाबदेही तय करने की मांग की।
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