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वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर पर सरकार को मिला मेटा का जवाब, सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा के बाद होगा अंतिम फैसला

July 10, 2026


नई दिल्ली । वॉट्सऐप (WhatsApp) के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर (Username Feature) को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) और मेटा (Meta) के बीच चल रही प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है। सरकार द्वारा जारी नोटिस के जवाब में मेटा ने अपना पक्ष प्रस्तुत कर दिया है। अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Information Technology Ministry) इस जवाब की विस्तार से समीक्षा कर रहा है, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि भारत में इस फीचर को अनुमति दी जाए या उस पर अतिरिक्त शर्तें लागू की जाएं। फिलहाल इस सुविधा को देश में शुरू नहीं किया गया है।

सरकार ने हाल ही में मेटा को नोटिस जारी कर यूजरनेम फीचर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण चिंताओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। सरकार का मानना है कि यदि पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए, तो यह सुविधा साइबर अपराधियों के लिए नई संभावनाएं पैदा कर सकती है। विशेष रूप से फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी और फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बनाने जैसी घटनाओं में वृद्धि की आशंका को देखते हुए विस्तृत जवाब मांगा गया था।

प्रस्तावित यूजरनेम फीचर का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को बिना मोबाइल नंबर साझा किए एक-दूसरे से संपर्क करने की सुविधा देना है। इससे गोपनीयता बढ़ाने में मदद मिल सकती है और कई परिस्थितियों में व्यक्तिगत मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। हालांकि इसी सुविधा के दुरुपयोग की संभावना को लेकर सरकार ने अपनी चिंता भी व्यक्त की है।

सरकार ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया था कि जब तक सभी सुरक्षा पहलुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं मिल जाता, तब तक इस फीचर को भारत में लॉन्च नहीं किया जाना चाहिए। मेटा ने जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा था और भरोसा दिया था कि सरकारी समीक्षा पूरी होने से पहले भारत में इस फीचर को लागू नहीं किया जाएगा। अब कंपनी का जवाब मंत्रालय के पास पहुंच चुका है और उसकी तकनीकी तथा कानूनी स्तर पर जांच की जा रही है।

सरकारी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि केवल वॉट्सऐप ही नहीं, बल्कि अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध समान सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। यदि आवश्यक हुआ तो सभी संबंधित प्लेटफॉर्म से सुरक्षा उपायों और नियामकीय अनुपालन को लेकर स्पष्टीकरण लिया जा सकता है। इसका उद्देश्य डिजिटल संचार सेवाओं में उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

मेटा की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि यूजरनेम फीचर लागू होने के बाद भी वॉट्सऐप अकाउंट बनाने और इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर आवश्यक रहेगा। कंपनी का कहना है कि यूजरनेम केवल पहचान साझा करने का एक अतिरिक्त विकल्प होगा, न कि मोबाइल नंबर का पूर्ण विकल्प। साथ ही फर्जी पहचान रोकने के लिए सार्वजनिक संस्थानों, सरकारी निकायों, प्रमुख हस्तियों और सत्यापित खातों से जुड़े नाम सुरक्षित रखे जाएंगे ताकि उनका दुरुपयोग न हो सके।

कंपनी ने यह भी दावा किया है कि यूजरनेम से जुड़े संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए कई सुरक्षा स्तर विकसित किए गए हैं। इनमें नकली अकाउंट की पहचान, मिलते-जुलते नामों पर नियंत्रण और अन्य सुरक्षा तंत्र शामिल हैं। हालांकि इन उपायों की पर्याप्तता पर अंतिम निर्णय सरकार की समीक्षा के बाद ही सामने आएगा।


  • डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के बीच उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और साइबर सुरक्षा दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं। ऐसे में वॉट्सऐप के यूजरनेम फीचर पर सरकार का आगामी फैसला केवल इस सुविधा के भविष्य को ही नहीं, बल्कि भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म के नियमन और साइबर सुरक्षा से जुड़े मानकों की दिशा भी तय कर सकता है।

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