
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब केवल काम को आसान और तेज बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। एक नई वैश्विक रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो वर्षों में AI के कारण नौकरियों पर बड़ा असर पड़ सकता है और इसका सबसे ज्यादा प्रभाव करियर की शुरुआत करने वाले युवा कर्मचारियों (Young employees) पर देखने को मिल सकता है।
ग्लोबल एचआर और कंसल्टिंग फर्म मर्सर (Mercer) की ताजा *ग्लोबल टैलेंट ट्रेंड्स रिपोर्ट* में दावा किया गया है कि 99 प्रतिशत से अधिक बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स का मानना है कि आने वाले दो साल में AI के चलते किसी न किसी स्तर पर कर्मचारियों की संख्या में कटौती होगी। इस रिपोर्ट के लिए दुनिया भर के लगभग 12,000 एग्जीक्यूटिव्स, एचआर लीडर्स और कर्मचारियों से बातचीत की गई।
एंट्री-लेवल कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर
रिपोर्ट के मुताबिक AI का सबसे बड़ा प्रभाव उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है जो अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं। जिन कार्यों के जरिए नए कर्मचारी अनुभव और कौशल हासिल करते थे, उनमें से कई काम अब AI आसानी से कर सकता है। यही कारण है कि कंपनियां जूनियर स्तर की भर्तियों को लेकर अपनी रणनीति बदल रही हैं।
पिछले एक वर्ष में उन कंपनियों की संख्या 17 प्रतिशत से बढ़कर 43 प्रतिशत हो गई है, जिन्होंने एंट्री-लेवल पदों में कटौती की है। खासकर 22 से 27 वर्ष आयु वर्ग के प्रोफेशनल्स को सबसे अधिक जोखिम वाले समूह में माना जा रहा है।
AI अपनाने की होड़, लेकिन तैयारी अधूरी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कंपनियां तेजी से AI तकनीक को अपनाने में जुटी हैं, लेकिन अधिकांश संगठन इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं। सर्वेक्षण के अनुसार केवल एक-तिहाई कंपनियों को ही भरोसा है कि वे मानव संसाधन और AI के बीच प्रभावी तालमेल स्थापित कर पाएंगी। इसका मतलब यह है कि कई संस्थान पहले AI लागू कर रहे हैं और बाद में कर्मचारियों की बदलती भूमिका को लेकर रणनीति बना रहे हैं।
क्या छंटनी से कंपनियों को होगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की संख्या घटाने से हमेशा बेहतर परिणाम नहीं मिलते। एक अन्य अध्ययन के अनुसार बड़े पैमाने पर छंटनी करने वाली कंपनियों को हर बार अधिक मुनाफा या उत्पादकता नहीं मिली। कई मामलों में बेहतर नतीजे तब सामने आए जब AI का उपयोग कर्मचारियों को हटाने के बजाय उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए किया गया।
AI के कारण बढ़ रही नौकरियों में कटौती
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 में AI भविष्य की संभावना नहीं बल्कि वर्तमान की वास्तविकता बन चुका है। अकेले अप्रैल 2026 में अमेरिका में लगभग 21,500 नौकरियों की कटौती में AI एक प्रमुख कारण रहा, जो उस महीने हुई कुल छंटनी का करीब 26 प्रतिशत हिस्सा था।
साल 2026 में अब तक AI से जुड़े कारणों के चलते 49 हजार से अधिक नौकरियां समाप्त हो चुकी हैं, जो 2025 के कुल आंकड़ों के लगभग बराबर है। टेक क्षेत्र की दिग्गज कंपनियां जैसे Meta, Oracle, Salesforce और Block भी AI आधारित ऑटोमेशन और री-स्ट्रक्चरिंग के तहत कर्मचारियों की संख्या कम कर चुकी हैं।
भविष्य में किन स्किल्स की होगी मांग?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में उन लोगों की मांग बढ़ेगी जो AI के साथ मिलकर काम करने की क्षमता रखते हैं। इसलिए AI को प्रतिस्पर्धी मानने के बजाय उसे प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखना अधिक महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि AI केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि नौकरी, भर्ती प्रक्रिया, करियर विकास और कार्य संस्कृति को प्रभावित करने वाली एक बड़ी ताकत बन चुका है। आने वाले दो वर्ष यह तय करेंगे कि यह तकनीक कर्मचारियों के लिए चुनौती बनेगी या नए अवसरों का रास्ता खोलेगी।
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