
नई दिल्ली ।चीन के झेजियांग प्रांत (Zhejiang Province) से सामने आया एक हैरान कर देने वाला मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। एक साधारण से दिखने वाले फ्लैट के भीतर सैकड़ों अजगरों (Pythons) के पाए जाने से न केवल स्थानीय प्रशासन (Local Administration) बल्कि वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) से जुड़े विशेषज्ञ भी चौंक गए। खास बात यह रही कि इस पूरे मामले का खुलासा किसी गुप्त सूचना या शिकायत से नहीं, बल्कि असामान्य रूप से बढ़े बिजली के उपयोग (Electricity Consumption) के कारण हुआ। जांच के बाद अधिकारियों ने जिस सच का पर्दाफाश किया, उसने इलाके में सनसनी फैला दी।
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक स्थानीय बुजुर्ग नागरिक ने पहाड़ी क्षेत्र के पास एक असामान्य और विशालकाय सांप को देखा। सांप का आकार और रंग उस इलाके में सामान्य रूप से पाए जाने वाले सरीसृपों से अलग था। इसे देखकर उन्होंने तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। पुलिस और वन्यजीव अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच शुरू की तो उन्हें संदेह हुआ कि यह सांप प्राकृतिक रूप से उस क्षेत्र का हिस्सा नहीं है और संभवतः किसी निजी स्थान से बाहर निकला है।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली गई। वन्यजीव विशेषज्ञों ने अधिकारियों को बताया कि अजगरों जैसी प्रजातियों को नियंत्रित वातावरण में जीवित रखने और उनका प्रजनन कराने के लिए लगातार उच्च तापमान और पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है। इसके लिए हीटर, ताप नियंत्रण उपकरण और नमी बनाए रखने वाली मशीनों को चौबीसों घंटे चलाना पड़ता है। ऐसे में बिजली की खपत सामान्य घरेलू उपयोग की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों से मिले इस महत्वपूर्ण संकेत के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में बिजली उपयोग के आंकड़ों का विश्लेषण शुरू किया। इसी दौरान एक ऐसा फ्लैट सामने आया जिसकी बिजली खपत अन्य आवासीय इकाइयों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक थी। संदेह गहराने पर अधिकारियों ने संबंधित स्थान की निगरानी की और पर्याप्त जानकारी मिलने के बाद वहां छापेमारी की कार्रवाई की।
जब पुलिस टीम फ्लैट के भीतर पहुंची तो वहां का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। घर के अलग-अलग कमरों को विशेष रूप से सरीसृपों को रखने के लिए तैयार किया गया था। जांच के दौरान 300 से अधिक अजगर बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में पता चला कि इन जीवों को विशेष परिस्थितियों में रखा जा रहा था और उनके प्रजनन की व्यवस्था भी की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि यह गतिविधि लंबे समय से संचालित की जा रही थी।
चीन में वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत संरक्षित प्रजातियों को बिना अनुमति रखना, खरीदना, बेचना या उनका परिवहन करना गंभीर अपराध माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार बरामद किए गए कई अजगर संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। बाद में अदालत ने दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीवों से जुड़े नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए आरोपी को जेल की सजा सुनाई।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में चीन समेत कई देशों में तथाकथित ‘एग्जॉटिक पेट्स’ यानी दुर्लभ और विदेशी जीवों को पालने का चलन तेजी से बढ़ा है। सांप, छिपकलियां, मकड़ियां और अन्य असामान्य जीवों की मांग बढ़ने से अवैध व्यापार और तस्करी के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। ऐसे मामलों से न केवल वन्यजीव संरक्षण को खतरा पैदा होता है, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र और सार्वजनिक सुरक्षा पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
यह घटना कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आई है कि सामान्य दिखने वाले संकेत, जैसे बिजली की असामान्य खपत, कई बार बड़े अवैध नेटवर्क और गैरकानूनी गतिविधियों का पर्दाफाश करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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