
एमपीआईडीसी का दावा, १२७ करोड़ का निवेश लघु-सूक्ष्म उद्यमियों द्वारा किया जाएगा
इंदौर। एक तरफ मेट्रो पॉलिटन एरिया (Metropolitan Area) में औद्योगिक (Industrial ) उपयोग के लिए लगभग 34 हजार एकड़ जमीन इंदौर (Indore) सहित आधा दर्जन जिलों में उपलब्ध होगी, तो दूसरी तरफ एमपी इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्रों-पार्कों में उद्योगों को जमीनें आबंटित की जा रही है। इसी कड़ी में इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर स्थित मोहना औद्योगिक क्षेत्र में अभी सुक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों को 34 भूखंड ऑनलाइन आबंटित किए गए हैं। इन इकाइयों द्वारा 127 करोड़ रुपए का निवेश किए जाने की जानकारी के साथ यह भी बताया गया है कि इससे लगभग 1631 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।
दौर जिले में मोहना औद्योगिक क्षेत्र बड़े उद्योगों एवं एम.एस.एम.ई. इकाइयों के संतुलित औद्योगिक विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रहा है। इस औद्योगिक क्षेत्र में पूर्व में 15 बड़े उद्योगों को 92.48 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है, जिनके द्वारा ? 1890 करोड़ के निवेश एवं 6541 रोजगार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया हैं, यह वृहद एवं एम.एस. एम.ई. इकाईयाँ मिलकर फार्मा, पैकेजिंग, इंजीनियरिंग, हाईजिन प्रोडक्ट, फूड प्रोसेसिंग, वायर इत्यादि सेक्टर का एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित कर रही है। लगभग 147 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित मोहना औद्योगिक क्षेत्र इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है साथ ही यह औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर सेक्टर-7, लॉजिस्टिक हब मोहना के साथ-साथ इंदौर शहर से सुगम संपर्क के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। मोहना का विकास अपने आप में एक नवीन पहल थी, जिसमें पहले औद्योगिक इकाईयों को भूमि आवंटित की गई एवं उनकी सुविधा एवं मांग अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में अधोसंरचनाओं का विकास किया गया। इस औद्योगिक क्षेत्र के दोनों भाग वृहद क्षेत्र एवं एम. एस.एम.ई. क्षेत्र के विकास पर कुल 67 करोड़ का व्यय किया गया। एम.पी.आई.डी.सी. द्वारा बताया गया है कि औद्योगिक क्षेत्र में कुछ भूखंड अभी भी उपलब्ध हैं। इच्छुक उद्यमी पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 29 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्रीजी डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य शासन प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल वातावरण विकसित करने तथा बड़े एवं एम.एस.एम.ई. उद्योगों के समन्वित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। दूसरी तरफ कल कैबिनेट की बैठक में 5960 करोड़ रुपए की योजनाओं सहित कई जनहितैषी कार्यों को मंजूरी दी गई। इसमें सरकारी हाई स्कूल और हायर सेकंडरी उन्नयन योजना विशेष रूप से शामिल है। 2 सालों में 175 स्कूलों का उन्नयन शासन द्वारा करवाया जाएगा।