नई दिल्ली। विदेश यात्रा (Foreign Travel) के दौरान किसी देश की नई जगहों और संस्कृति को जानना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी वहां के स्थानीय नियमों और लोगों का सम्मान करना भी है। इसी मुद्दे को लेकर डिजिटल क्रिएटर स्पर्श सुनील (Foreign Travel) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। थाईलैंड यात्रा (Sparsh Sunil) के दौरान एक हॉस्टल में हिंदी में लगा नोटिस देखने के बाद उन्होंने विदेश जाने वाले भारतीय पर्यटकों के व्यवहार और जिम्मेदारी पर सवाल उठाए।
स्पर्श के मुताबिक, वह थाईलैंड के एक हॉस्टल में पहुंचे थे। वहां उनकी नजर अंग्रेजी के साथ हिंदी में लिखे एक नोटिस पर पड़ी। इसमें लोगों से पानी पीने के लिए ग्लास का इस्तेमाल करने को कहा गया था। हिंदी में अलग से निर्देश देखकर स्पर्श हैरान हुए और उन्होंने हॉस्टल के मालिक से इसका कारण पूछा।
स्पर्श ने वीडियो में बताया कि मालिक के अनुसार कुछ लोग बार-बार समझाने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करते थे। हालांकि, यह दावा स्पर्श के बताए अनुभव पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मसाज पार्लर के बाहर के अनुभव भी बताए
स्पर्श ने थाईलैंड यात्रा के दौरान देखे कुछ अन्य अनुभव भी वीडियो में साझा किए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कुछ भारतीय पुरुषों को मसाज पार्लर के बाहर महिलाओं से अनुचित सवाल पूछते देखा।
उन्होंने एक अन्य घटना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, एक भारतीय व्यक्ति ने एक थाई महिला से उसके साथ फोटो खिंचवाने के लिए कहा। स्पर्श का कहना था कि उस व्यक्ति की दिलचस्पी आसपास के नजारे के बजाय महिला के साथ फोटो लेने में अधिक थी। इन घटनाओं की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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‘विदेश में सबसे पहले आप भारतीय हैं’
स्पर्श ने कहा कि विदेश में किसी भारतीय के व्यवहार को सिर्फ उसके व्यक्तिगत व्यवहार के तौर पर नहीं देखा जाता, बल्कि कई बार उसे उसके देश से जोड़कर भी देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विदेश में रहते समय उत्तर या दक्षिण भारत जैसी क्षेत्रीय पहचान से पहले व्यक्ति की पहचान भारतीय के रूप में होती है।
उनका कहना था कि स्थानीय नियमों को तोड़ना, सार्वजनिक स्थानों पर दूसरों को परेशान करना या अनुचित व्यवहार करना उस व्यक्ति की छवि के साथ-साथ उसके देश की छवि को लेकर भी सवाल खड़े कर सकता है।
‘आप सिर्फ टूरिस्ट नहीं हैं’
अपने पोस्ट में स्पर्श ने लोगों से विदेश यात्रा के दौरान अपने व्यवहार पर भी विचार करने की अपील की। उन्होंने तेज आवाज में बात करने, कूड़ा फैलाने, लाइन में अपनी बारी का इंतजार नहीं करने, स्थानीय नियमों की अनदेखी करने और सार्वजनिक स्थानों का लापरवाही से इस्तेमाल करने जैसी आदतों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि विदेश जाने वाला हर व्यक्ति सिर्फ पर्यटक नहीं होता, बल्कि उसके व्यवहार से लोग उसके देश के बारे में भी धारणा बना सकते हैं। इसलिए यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों, संस्कृति और नियमों का सम्मान करना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
स्पर्श का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने उनके संदेश का समर्थन करते हुए विदेश यात्रा के दौरान जिम्मेदार व्यवहार को जरूरी बताया। कुछ लोगों ने अपने विदेश यात्रा के अनुभव भी साझा किए।
एक यूजर ने दावा किया कि थाईलैंड के एक वॉशरूम में हिंदी में जमीन पर पेशाब नहीं करने का निर्देश लिखा था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, कुछ यूजर्स ने भारतीय पर्यटकों के व्यवहार को लेकर तीखी टिप्पणियां कीं। दूसरी ओर कई लोगों ने यह भी कहा कि कुछ लोगों के व्यवहार के आधार पर पूरे देश या समुदाय को आंकना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, विदेश में गलत व्यवहार करने वाले कुछ लोग सभी भारतीयों का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
छोटी बातों से भी बनती है छवि
थाईलैंड के हॉस्टल में पानी पीने को लेकर हिंदी में लगाए गए नोटिस की घटना ने विदेश यात्रा के दौरान नागरिक शिष्टाचार को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, नोटिस हिंदी में लगाए जाने के पीछे वास्तव में क्या कारण था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
फिर भी सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई रखना, कतार का पालन करना, स्थानीय नियमों का सम्मान करना और दूसरे लोगों की निजता व गरिमा का ध्यान रखना किसी भी पर्यटक की सामान्य जिम्मेदारी है। स्पर्श का संदेश भी इसी बात पर केंद्रित रहा कि विदेश में घूमते समय भारतीय होने के गौरव के साथ जिम्मेदारी का ध्यान रखना भी जरूरी है।
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