
नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shehbaz Sharif) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के 81वें सत्र में एक बार फिर भारत (India) पर निशाना साधते हुए 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने संघर्ष के दौरान पाकिस्तान की भूमिका को अपनी तरफ से सफलता के तौर पर पेश किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कथित हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद दिया। इसी दौरान भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
शहबाज ने ट्रंप को दिया ‘समय पर हस्तक्षेप’ का श्रेय
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को UNGA के मंच से 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘समय पर हस्तक्षेप’ से संघर्ष को रोकने में मदद मिली और दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बची।
शरीफ ने ट्रंप के लिए ‘दृढ़तापूर्ण और दूरदर्शी नेतृत्व’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। इससे पहले ट्रंप भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रुकवाने में अपनी भूमिका का दावा कर चुके हैं। हालांकि, भारत लगातार किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता या हस्तक्षेप के दावे से इनकार करता रहा है।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद 6-7 मई की मध्यरात्रि को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। भारत के मुताबिक, इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था। पहलगाम हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी।
शहबाज शरीफ ने अपने करीब 23 मिनट के संबोधन में इस संघर्ष के साथ कश्मीर मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया में दोबारा 2025 जैसी स्थिति न बने, इसके लिए कश्मीर मुद्दे का न्यायसंगत और निष्पक्ष समाधान जरूरी है।
भाषण के दौरान भारतीय राजनयिक का रिएक्शन कैमरे में कैद
शहबाज शरीफ जब 2025 के संघर्ष और ट्रंप के कथित हस्तक्षेप का जिक्र कर रहे थे, उसी दौरान वहां मौजूद भारतीय राजनयिक आर. श्रीनिवास की प्रतिक्रिया कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में उनका हंसता हुआ रिएक्शन दिखाई देता है। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह वीडियो चर्चा का विषय बन गया।
भारत संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को खारिज करता रहा है। भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।
हर साल की तरह इस बार भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद भारत की ओर से ‘जवाब के अधिकार’ के तहत प्रतिक्रिया दिए जाने की प्रक्रिया होगी। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन से राजनयिक को जवाब देने के लिए भेजा जाता है।
Indian diplomat R. Srinivas laughs off as Pakistan PM Shehbaz Sharif begins claiming about Pakistani "victory" during May 2025 conflict during UN Speech pic.twitter.com/ijxXHxRebY
— Sidhant Sibal (@sidhant) September 25, 2026
सिंधु जल संधि का भी उठाया मुद्दा
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि (IWT) का भी मुद्दा उठाया। पाकिस्तान इस संधि को लेकर भारत के फैसले पर लगातार आपत्ति जताता रहा है। वहीं भारत का कहना है कि सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद को समर्थन जारी रहने तक संधि को स्थगित रखने का फैसला लागू रहेगा।
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला किया था। पाकिस्तान इस कदम को चुनौती देता रहा है और संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न मंचों पर इसे उठाता रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव का भी जिक्र
शहबाज शरीफ ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति कायम कराने के लिए पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के मुताबिक, पाकिस्तानी नेतृत्व की ओर से अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थता के प्रयास किए जा रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी इन प्रयासों का उल्लेख किया है।
अपने संबोधन में शरीफ ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का भी कई बार धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि ‘बेहद कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों’ में कूटनीति के लिए रास्ता तैयार करने में मुनीर के ‘निरंतर प्रयासों’ की अहम भूमिका रही।
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