
नई दिल्ली । कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) 2026 में भारत के लिए एथलेटिक्स (Athletics) से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। पुरुषों की जेवलिन थ्रो (Javelin Throw) स्पर्धा में भारत के तीनों खिलाड़ी नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra), रोहित यादव और यशवीर सिंह ने क्वालिफिकेशन राउंड सफलतापूर्वक पार करते हुए फाइनल (Final) में अपनी जगह पक्की कर ली है। तीनों भारतीय एथलीट शीर्ष-12 में स्थान बनाने में सफल रहे, जिससे अब देश की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं। खास बात यह रही कि इस स्पर्धा में उतरे सभी भारतीय खिलाड़ी फाइनल तक पहुंचने में सफल रहे।
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो किया। इस प्रदर्शन के साथ वह क्वालिफिकेशन चरण में पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि वह स्वतः क्वालिफिकेशन के लिए निर्धारित 84 मीटर के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके, लेकिन शीर्ष-12 खिलाड़ियों में शामिल होकर उन्होंने आसानी से फाइनल का टिकट हासिल कर लिया। फाइनल में स्थान सुनिश्चित होने के बाद नीरज ने अपना अंतिम प्रयास नहीं किया और ऊर्जा बचाने की रणनीति अपनाई।
भारत के दूसरे खिलाड़ी रोहित यादव ने 78.37 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करते हुए नौवां स्थान हासिल किया, जबकि यशवीर सिंह ने 78.36 मीटर के प्रयास के साथ दसवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया। तीनों भारतीय खिलाड़ियों के एक साथ फाइनल में पहुंचने से देश के लिए एक से अधिक पदक जीतने की संभावनाएं बढ़ गई हैं।
क्वालिफिकेशन मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों को मौसम की चुनौती का भी सामना करना पड़ा। लगभग 18 डिग्री सेल्सियस तापमान और सामने से चल रही तेज हवा के कारण किसी भी प्रतिभागी के लिए लंबी दूरी तक भाला फेंकना आसान नहीं रहा। यही वजह रही कि 18 खिलाड़ियों में से कोई भी 84 मीटर के स्वतः क्वालिफिकेशन मानक को पार नहीं कर सका। पूरे क्वालिफिकेशन दौर में केवल चार खिलाड़ी ही 80 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंकने में सफल रहे।
क्वालिफिकेशन में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 82.84 मीटर के प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल किया। ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स 81.29 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वहीं पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 78.63 मीटर का थ्रो करते हुए सातवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। अनुभवी खिलाड़ी केशोर्न वॉलकॉट भी शीर्ष-12 में शामिल होकर फाइनल में पहुंच गए, जबकि केन्या के अनुभवी भालाफेंक खिलाड़ी जूलियस येगो फाइनल में जगह बनाने से चूक गए।
नीरज चोपड़ा पिछले कुछ समय से पीठ के निचले हिस्से की चोट से उबरने के बाद लगातार अपनी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उन्होंने वापसी के संकेत दिए हैं और अब कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में उनसे एक बार फिर बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अनुभव और बड़े मुकाबलों में दबाव झेलने की क्षमता नीरज को अन्य खिलाड़ियों के मुकाबले मजबूत दावेदार बनाती है।
अब सभी की निगाहें जेवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां भारत के तीनों खिलाड़ी पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। यदि नीरज चोपड़ा अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करने में सफल रहते हैं और रोहित यादव तथा यशवीर सिंह भी अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं, तो भारत एथलेटिक्स में शानदार सफलता हासिल कर सकता है। करोड़ों भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि भारतीय जेवलिन तिकड़ी फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में पदक जरूर डालेगी।
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