
– महापौर के निवास वाले सुदामा नगर में सबसे ज्यादा पांच मकान बेचे गए …
– दौलतगंज में चार, विनोबा नगर में तीन और पांच कॉलोनी में दो-दो मकान बेच डाले…
इंदौर, डा जितेन्द्र जाखेटिया ।
नामांतरण घोटाला (mutation scam) उजागर होने के बाद इस घोटाले में शिकार की गई संपत्तियों (Properties) में से 51 संपत्ति (51 houses ) धोखेबाजों ने बेच डाली। इन सभी संपत्ति की सूची अग्निबाण के पास मौजूद है। इसमें महापौर के निवास वाले सुदामा नगर में सबसे ज्यादा पांच मकान बेचे गए हैं। इसके अलावा दौलतगंज में चार, विनोबा नगर में तीन और पांच कॉलोनी में दो-दो मकान बेच दिए गए हैं।
अग्निबाण द्वारा नगर निगम के नामांतरण घोटाले का भंडाफोड़ किया गया था। इसके बाद से अग्निबाण लगातार अपने पाठकों को बता रहा है कि नगर निगम के अधिकारी इस घोटाले के दोषियों को बचाने के लिए दिन-रात एक कर रहे हैं। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा तीन अपर आयुक्त की जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी जांच करने के नाम पर केवल भोपाल से ई-नगर पालिका पोर्टल से जानकारी मांगने में लगी हुई है।
नगर निगम के अपर आयुक्त आकाश सिंह द्वारा एक पत्र पंजीयन विभाग को लिखा गया था। इस पत्र में उन्होंने बताया था कि इंदौर नगर निगम में 354 संपत्ति के मालिक बदल दिए गए हैं। इन नए फर्जी मालिकों के नाम की सूची और मकानों के पते की सूची पंजीयन विभाग को भेजी गई थी। विभाग से यह जानकारी चाहिए थी कि फर्जी मालिकों द्वारा इनमें से कौन-कौन सी संपत्ति बेच दी गई है।
पंजीयन विभाग द्वारा दो दिन पहले नगर निगम को जानकारी भेज दी गई है। इस जानकारी में बताया गया है कि फर्जी नामांतरण के दम पर मालिक बने व्यक्तियों द्वारा 51 संपत्ति बेची गई है। पंजीयन विभाग द्वारा निगम को भेजी गई जानकारी को निगम द्वारा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। निगम के अधिकारियों ने इस जानकारी के बारे में अग्निबाण को बताया कि सबसे ज्यादा पांच संपत्ति सुदामा नगर की बेची गई है। ध्यान रहे कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी सुदामा नगर के ही रहवासी हैं। इसके अलावा शहर के मध्य क्षेत्र में स्थित दौलतगंज की चार संपत्ति बेची गई है। विनोबा नगर की तीन संपत्ति का विक्रय हुआ है। इसके अलावा पांच कॉलोनी ऐसी हैं, जहां की दो-दो संपत्ति बेची गई है।
इन कॉलोनियों के मकान फर्जी मालिक ने बेच डालें
अग्निबाण के पास मौजूद सूची के अनुसार खजराना, त्रिवेणी नगर, आलोक नगर, जगन्नाथ नगर, प्रजापत नगर और इलियास कॉलोनी की दो-दो संपत्ति बेची गई है। इसके अलावा सरस्वती नगर, शीतल नगर, महालक्ष्मी नगर, डाक तार कॉलोनी, निरंजनपुर, आशीष नगर, न्याय नगर, न्यू पलासिया, फडनीस कॉलोनी, माणिकबाग रोड, मौलाना आजाद रोड, तिरुमला बिजलपुर, रानीपुरा, भीम नगर, खातीवाला टैंक, हाथीपाला रोड, महेश यादव नगर, लक्ष्मणपुरी, आदर्श इंदिरा नगर, सिरपुर और द्वारकापुरी कॉलोनी की एक-एक संपत्ति बेची गई है।
इस जानकारी का निगम ने क्या किया
निगम के पास यह जानकारी आए हुए 48 घंटे हो गए हैं। इसके बाद निगम द्वारा इस जानकारी का क्या किया गया यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। अलबत्ता इस पूरे मामले के जिम्मेदारों तक निगम के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिन दो उपायुक्त के आईडी और पासवर्ड से यह पूरा खेल हुआ उन पर भी निगम अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सका है। निगम मुख्यालय के दोनों राजस्व अधिकारी भी निगम अधिकारियों का संरक्षण पाकर कार्रवाई से सुरक्षित हैं।
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