
विवादित भूमि पर विशाल खंडेलवाल ने किया है अनुबंध
इंदौर। कनाडिय़ा रोड (Kanadiya Road) स्थित डायमंड गृह निर्माण (Diamond Housing Society) भू-घोटाले में पिछले दिनों पुलिस ने इस जमीन ( land) का सौदा करने वाली फर्म संयम इन्फ्रा से जुड़े दीपक जैन मद्दा से थाने बुलाकर घंटों पूछताछ की थी। इसके बाद इसी जमीन पर रेशो डील करने वाले एसएस ग्लोबल ग्रुप के विशाल खंडेलवाल को भी पुलिस ने थाने पर तलब किया और लगभग 7 से 8 घंटे तक पूछताछ की। इसमें खंडेलवाल ने इस जमीन पर आवासी प्रोजेक्ट का अनुबंध करना बताया। दूसरी तरफ सहकारिता विभाग ने भी जमीन से जुड़ी ठंडे बस्ते में पड़ी जांच फिर से तेज कर दी है।
अग्रिबाण ने डायमंड गृह निर्माण से जुड़े भू-घोटाले के कई महत्वपूर्ण तथ्यों को सिलसिलेवार ना सिर्फ उजागर किया, बल्कि उस दबे-छुपे कोर्ट आदेश की जानकारी भी प्रकाशित की जिसमें डायमंड गृह निर्माण में ही 13 एकड़ जमीन शामिल होने की पुष्टि की गई। जबकि पूर्व में हुए एक आदेश में संस्था के पक्ष में कराई गई रजिस्ट्री को शून्य घोषित कर दिया था, जिसके आधार पर सहकारिता विभाग ने संस्था के लिक्विडेशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी और इसी को आधार बनाकर भूमाफियाओं ने संस्था की जमीन पर ना सिर्फ कब्जे किए, बल्कि पिछले दिनों गुंडों को भेजकर जमीन खाली कराने और मौके पर पहुंचे दो पुलिसकर्मियों की बुरी तरह पिटाई भी कर डाली। मीडिया में हल्ला मचने के बाद अब पुलिस कमिश्रर संतोष सिंह ने ना सिर्फ एफआईआर दर्ज करवाई, बल्कि चार आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। इसके बाद उनसे मिली जानकारी के आधार पर दीपक जैन मद्दा को बुलाकर घंटों पूछताछ की गई और जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य अनुबंध सहित कई महत्वपूर्ण जानकारी भी हासिल की। इसके पश्चात पुलिस ने इसी जमीन पर प्रोजेक्ट का अनुबंध करने वाले बिल्डर-कालोनाइजर विशाल खंडेलवाल से भी पूछताछ की है। इसकी पुष्टि डीसीपी अमरसिंह राठौर ने करते हुए बताया कि खंडेलवाल ने यह स्वीकार किया कि इस विवादित 7 एकड़ जमीन पर आवासीय प्रोजेक्ट का अनुबंध संयंम इन्फ्रा के साथ किया गया है। यह भी उल्लेखनीय है कि पूर्व में विशाल खंडेलवाल ने मीडिया की अपनी प्रतिक्रिया में झूठ बोला कि इस विवादित जमीन से उसका कोई लेना-देना नहीं है और उसके पास पीछे की जमीन है और उसके रास्ते के लिए उसने प्रतीक संघवी से चर्चा की थी। अब पुलिस की पूछताछ से यह जानकारी भी सामने आई कि विशाल खंडेलवाल ने 7 एकड़ जमीन पर प्रोजेक्ट के लिए अनुबंध किया है और खंडेलवाल का नाम ही सबसे पहले यह मामला सामने आने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्गी ने भी लिया था। दूसरी तरफ सहकारिता विभाग ने भी इस जमीन को लेकर ठंडे बस्ते में पड़ी अपनी जांच को नए सिरे से शुरू किया है। 20 दिसम्बर 2024 सेशन न्यायालय के अपर सत्र न्यायाधीश जितेन्द्रसिंह कुशवाह ने जो महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, इसमें हाजी एंड कम्पनी द्वारा डायमंड गृह निर्माण संस्था पर फर्जी और कूटरचित पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिए जमीन खरीदने के आरोप को खारिज कर दिया। यानी इस आदेश के जरिए यह साबित हो गया कि संयम इन्फ्रा द्वारा खरीदी गई 7 एकड़ जमीन डायमंड गृह निर्माण में ही शामिल है।
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