
इंदौर, कमलेश्वरसिंह सिसौदिया। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए कई सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था अब भी पटरी पर नहीं आ पाई है। बेटमा संकुल के अंतर्गत आने वाले स्कूलों के जिला परियोजना समन्वयक संजयकुमार मिश्रा के औचक निरीक्षण के दौरान दो स्कूलों में शिक्षक तो उपस्थित मिले, लेकिन एक भी छात्र स्कूल में मौजूद नहीं था।
15 जुलाई को किए गए निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय हिम्मतगढ़ और उत्तरसी में शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन दोनों स्कूलों में एक भी छात्र मौजूद नहीं था। स्कूलों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत अनुपस्थिति ने शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों की अनुपस्थिति को लेकर स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। वहीं छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पालकों से संपर्क और स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मध्याह्न भोजन व्यवस्था में भी मिली कमियां
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय रंगवासा में विद्यार्थी उपस्थित मिले, लेकिन मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में कई कमियां सामने आईं। भोजन व्यवस्था और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की। वहीं प्राथमिक विद्यालय अगराड़ी में व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं।
छह से अधिक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण में सामने आई लापरवाहियों को गंभीरता से लेते हुए डीपीसी संजय मिश्रा ने प्रभावित स्कूलों के छह से अधिक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर शिक्षकों और प्रभारियों के खिलाफ प्रशासनिक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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