
इन्दौर। शहर (Indore) में दूध के दाम (milk prices) को लेकर दो संगठनों (two organizations) में खुलकर दो फाड़ हो गई है। इंदौर दूध विक्रेता संघ (Indore Milk Sellers’ Association) ने बैठक कर फिलहाल दूध के मौजूदा भाव यथावत रखने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी तरफ दूध उत्पादक किसान संगठन (Milk Producer Farmers’ Organization) जिला इंदौर ने 1 सितंबर से दूध के नए भाव घोषित कर दिए हैं।
दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भारत मथुरावाला की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि फिलहाल दूध का बंदी भाव 62 रुपए और दुकानों पर खुले दूध का भाव 65 रुपए प्रति लीटर ही रहेगा। संघ ने दूध की उत्पादन लागत और वर्तमान प्राकृतिक परिस्थितियों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि यदि आगे प्राकृतिक परिस्थितियां और पशु आहार के भाव प्रतिकूल रहते हैं तो भाव पर दोबारा विचार किया जाएगा।
किसान संगठन ने कहा- भाव हम तय करेंगे
इधर, दूध उत्पादक किसान संगठन जिला इंदौर ने धरमपुरी स्थित काशी विश्वनाथधाम मंदिर परिसर में जिलेभर के दूध उत्पादक किसानों की बैठक की। संगठन के जिला नेता हंसराज मंडलोई के अनुसार बैठक में किसानों ने दूध का भाव खुद तय करने का निर्णय लिया। संगठन ने 1 सितंबर, यानी कल से भैंस के दूध का भाव 70 रुपए प्रति लीटर, गाय के दूध का भाव 60 रुपए प्रति लीटर और फैट का भाव 12 रुपए प्रति फैट घोषित किया है। किसानों का कहना है कि दूध का उत्पादन वे करते हैं, इसलिए उनके उत्पाद का मूल्य तय करने का अधिकार भी उन्हीं का होना चाहिए। उनका आरोप है कि अभी दूध विक्रेता संघ भाव तय करता है और जिला प्रशासन भी व्यापारियों का पक्ष लेता है।
व्यापारी खर्च जोडक़र भाव नहीं बढ़ा सकेंगे
किसान संगठन ने बैठक में यह भी तय किया कि संगठन द्वारा निर्धारित भाव पर ही दूध व्यापारियों को दिया जाएगा। व्यापारियों द्वारा इसमें अपना डिलीवरी खर्च या अन्य खर्च जोडक़र किसानों द्वारा तय भाव से अलग कीमत निर्धारित करने का विरोध किया जाएगा। संगठन ने पशु आहार, विशेषकर लगातार बढ़ रहे खली के दामों पर नियंत्रण की मांग भी उठाई है। किसानों का कहना है कि दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है और इसका असर दूध के उचित मूल्य पर होना चाहिए।
1 सितंबर को इंदौर पहुंचेंगे किसान
हंसराज मंडलोई ने कहा कि यदि व्यापारी मनमानी करते हैं और जिला प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है तो 1 सितंबर को हजारों किसान संगठन इंदौर पहुंचकर कलेक्टर का घेराव करेंगे।
कल से दूध के दामों पर संशय
एक ही जिले में दूध से जुड़े दो संगठनों के अलग-अलग फैसलों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 1 सितंबर, यानी कल से उपभोक्ताओं को दूध किस भाव पर मिलेगा और किसानों से व्यापारी किस दर पर दूध खरीदेंगे। दूध विक्रेता संघ फिलहाल पुराने भाव पर कायम है, जबकि किसान संगठन ने उससे अलग भाव घोषित कर दिए हैं। अगर दोनों पक्ष अपने-अपने फैसले पर कायम रहते हैं तो आने वाले दिनों में दूध की खरीद और बिक्री को लेकर टकराव की स्थिति बन सकती है।
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