
इंदौर। इंदौर में कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी पर शासकीय कार्य में बाधा की FIR दर्ज होने के बाद शहर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल DCP जोन-1 नरेन्द्र रावत से मिलने पहुंचा और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव के नेतृत्व में नगर निगम में अन्याय और भ्रष्टाचार चरम पर है। जो गरीब लोग छोटी-छोटी गलियों में ठेले लगाकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं, जो न ट्रैफिक में बाधा हैं और न किसी को परेशानी पैदा कर रहे हैं, उनके साथ नगर निगम की पीली गैंग गुंडागर्दी कर रही है।
उन्होंने कहा कि अंदर की गलियों से ठेले जब्त होने की सूचना पर हमारे क्षेत्रीय पार्षद कुणाल सोलंकी मौके पर पहुंचे और गरीबों की बात रखी तो निगम के दो कर्मचारियों ने उनके साथ बदतमीजी की। इसके बाद लोगों ने आंदोलन कर गाड़ियां रोकीं। 23 तारीख की घटना पर 25 तारीख की रात FIR होना साबित करता है कि भाजपा नेताओं के दबाव में झूठी FIR दर्ज हुई है। निगम 500 बार FIR करा दे, कांग्रेस का हर कार्यकर्ता गरीबों के साथ खड़ा रहेगा।
वहीं इस मामले में DCP जोन-1 नरेन्द्र रावत ने मीडिया से चर्चा में बताया कि 23 तारीख को नगर निगम की टीम अतिक्रमण सामग्री रिमूवल के लिए मौके पर गई थी। आरोप है कि कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी ने वहां विरोध किया। जोनल ऑफिसर ने लिखित आवेदन देकर बताया कि पार्षद ने निगम की गाड़ी की हवा निकाल दी और चाबी निकाल कर चले गए। शिकायत की जांच के बाद 25 तारीख को शासकीय कार्य में बाधा के तहत FIR दर्ज की गई।
आज कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल आवेदन लेकर आया था, जिसमें उन्होंने अपने तथ्य बताते हुए जांच की मांग की है। उन्हें FIR की कॉपी दी गई है और जांच की जाएगी। गाड़ी चढ़ाने जैसे आरोप उनके आवेदन में नहीं हैं, निगम कर्मचारियों द्वारा गलत भाषा के इस्तेमाल की बात कही गई है। मामला अब इन्वेस्टिगेशन में है, CCTV और लोगों के बयानों के आधार पर कार्रवाई होगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved