
मल्टीलेवल पार्किंग प्रस्ताव के साथ खेल से जुड़ी गतिविधियों का भी होगा विस्तार
इंदौर। यशवंत क्लब (Yashwant Club) के पिछले दिनों चुने गए चेयरमैन जितेन्द्र जैन (Chairman Jitendra Jain) का कहना है कि 92 साल पुराने इस क्लब का नए सिरे से जीर्णोद्धार (Renovation) किया जाना है, जिसमें 50 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य करवाए जाएंगे। कुछ समय पूर्व जो नए 100 सदस्य (new memberships) बनाए गए उनसे लगभग 30 करोड़ रुपए की राशि हासिल हुई। वहीं अब क्लब का मासिक सदस्यता शुल्क, जो कि 600 रुपए ही है, उसे बढ़ाए जाने की भी आवश्यकता है। वर्तमान में क्लब के 4200 सदस्य हैं। खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार करने के साथ मेहमानों के लिए 26 कमरे और 400 सदस्य क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल भी निर्मित होगा। क्लब के मूल स्वरूप को यथावत रखते हुए 4 साल में ये सारे काम पूरे होंगे।
जैन ने यह जानकारी स्टेट प्रेस क्लब के आयोजन में मीडियाकर्मियों को दी। उन्होंने कहा कि क्लब का पूरा मास्टर प्लान तैयार किया गया है और चुनाव में जो वायदे किए गए थे उन्हें शत-प्रतिशत पूरा किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पहले यशवंत क्लब की ख्याति सिर्फ कार्ड रूम और बार के लिए ही रहती थी। मगर बीते कुछ सालों में खेलकूद से जुड़ी गतिविधियों में हुई वृद्धि के बाद अब यह उसके लिए भी जाना जाता है। सुबह और शाम को वॉकिंग और एक्सरसाइज के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और सदस्यों की संख्या को देखते हुए पार्किंग सुविधा का भी विस्तार किया जा रहा है और मल्टीलेवल पार्किंग की योजना भी बनाई गई है। यशवंत क्लब का देश-विदेश के अधिकांश प्रतिष्ठित क्लबों से एफिलेशन भी है और विकास कार्य पूर्ण होने के बाद खेलकूद गतिविधियों का भी इंटरक्लब स्तर पर विस्तार किया जाएगा। यशवंत क्लब अध्यक्ष जितेन्द्र जैन ने यह भी कहा कि 50 करोड़ के विकास कार्य और खेलकूद गतिविधियों को बढ़ाने पर खर्च किए जाएंगे और पहले चरण में जिमनेशियम, टेबल टेनर, स्नूकर, लॉन टेनिस जैसे खेलों का विस्तार किया जाएगा और अतिरिक्त कमरों के साथ-साथ कन्वेंशन हॉल भी बनेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों यशवंत क्लब के चुनाव सम्पन्न हुए, जिसमें पम्मी पैनल को हार का मुंह देखना पड़ा और दूसरी पैनल के उम्मीदवारों ने बाजी मारी। श्री जैन का कहना है कि वर्तमान में क्लब के 4200 सदस्य हो गए हैं और लम्बे समय बाद इसमें 100 नए सदस्य जुड़े। प्रति सदस्य 25 लाख रुपए के शुल्क और उसमें जीएसटी की राशि भी अलग से ली गई, जिससे लगभग 30 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। यह राशि भी क्लब के विकास और विस्तार कार्यों पर खर्च की जाएगी। वहीं अभी सदस्यता शुल्क की राशि सिर्फ 600 रुपए प्रतिमाह है, जो कि बढ़ाए जाने की जरूरत है। निकट भविष्य में होने वाली एजीएम में इस बारे में सहमति बनाने के प्रयास किए जाएंगे। उनका यह भी दावा है कि यशवंत क्लब की ख्याति को और अधिक बढ़ाया जाएगा और पूर्व में क्लब को लेकर जो विवाद सामने आते रहे और मीडिया की सुर्खियां बनती रही, उसमें भी कमी आएगी और अच्छे कार्य भी किए जाएंगे।
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