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इंदौर का अगला महापौर पुरुष पिछड़ा, महिला सामान्य या पिछड़ा वर्ग से, 85 वार्ड पार्षदों के लिए भी होगी आरक्षण प्रक्रिया

June 15, 2026

निगम चुनाव की उल्टी गिनती शुरू, अब सालभर भी नहीं बचा, मतदाता सूची तैयार करने के साथ शासन ने आरक्षण अधिकारी के जारी किए आदेश

– आज मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अंतिम दिन
– जनगणना के चलते वार्ड परिसीमन की प्रक्रियानहीं होगी
– 85 में से 50 फीसदी वार्ड महिलाओं के लिए रहेंगे आरक्षित
– लॉटरी से होगा महापौर पद का आरक्षण
– पिछले निगम चुनाव में 18 लाख से अधिक थे मतदाता

इंदौर, राजेश ज्वेल
शहर सरकार (City Government) यानी निगम चुनाव (Municipal elections) की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने जहां नगरीय निकायों (Urban local bodies) और पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम शुरू करवाया, जिसमें आज 15 जून तक नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन के आवेदन किए जा रहे हैं। अगले साल जून-2027 में निगम चुनाव होना है। यानी अब सालभर का समय भी नहीं बचा। राजनीतिक जोड़तोड़ तो शुरू हो ही जाएगी, साथ ही नगरीय विकास और आवास विभाग ने महापौर और अध्यक्ष पद के आरक्षण के लिए अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी। इंदौर का अगला महापौर कौन होगा, इसकी अटकलें भी लगने लगी। हालांकि आरक्षण प्रक्रियालॉटरी के जरिए पूरी होगी। अब अगला महापौर (mayor) पुरुष पिछड़ा या महिला सामान्य के साथ महिला पिछड़ा वर्ग से ही चयनित की जाएगी। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा 85 वार्ड पार्षदों की आरक्षण प्रक्रिया भी की जाएगी। आधे वार्ड महिलाओं के लिए पूर्व की तरह आरक्षित रहेंगे।


  • अब आने वाले तीन सालों में पहले निगम, उसके एक साल बाद विधानसभा और फिर 2028 के मध्य में लोकसभा के चुनाव होना है। इनमें सबसे ज्यादा कश्मकश वाले निगम चुनाव होते हैं, जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो गई है। नगरीय निकाय चुनाव-2027 की तैयारी राज्य शासन ने शुरू करवा दी और आयुक्त नगरीय प्रशासन और विकास को आरक्षण संबंधी कार्रवाई के लिए अधिकृत अधिकारी नियुक्त कर दिया है। वहीं महापौर और नगर पालिका अध्यक्ष के लिए आरक्षण की प्रक्रिया मध्यप्रदेश नगर पालिका नियम-1999 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। वहीं दूसरी तरफ राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। आज 15 जून तक नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन के आवेदन लिए जाएंगे और फिर 25 जून तक निराकरण के बाद 10 जुलाई को मतदाता सूची वेबसाइट पर अपलोड करने के बाद 18 जुलाई को उसका सार्वजनिक प्रकाशन भी किया जाएगा। दूसरी तरफ शासन ने महापौर और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण आदेश भी अभी जारी कर दिया है। मौजूदा नियमों के मुताबिक नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण निर्धारित है, जिसके चलते वर्तमान में भी इंदौर निगम सीमा में जो 85 वार्ड हैं, उनमें से 42 वार्डों में महिला पार्षद काबिज है। वर्तमान में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सामान्य पुरुष वर्ग से चुने गए। लिहाजा इस बार लॉटरी में सामान्य पुरुष वर्ग नहीं रहेगा। इसी तरह रोटेशन के आधार पर पुरुष पिछड़ा, महिला सामान्य या पिछला वर्ग से चुनी जाएंगी। हालांकि महिला सामान्य में पिछड़ा वर्ग सहित अन्य श्रेणी को भी चुनाव लडऩे की पात्रता रही है। दूसरी तरफ 85 वार्डों के पार्षदों के आरक्षण की प्रक्रिया भी स्थानीय स्तर पर कलेक्टर द्वारा संचालित की जाएगी, वहीं महापौर और अध्यक्ष पद की लॉटरी और आरक्षण की प्रक्रिया भोपाल में होगी। वर्तमान में जो निगम परिषद् काबिज है उसके कार्यकाल में अब 1 साल का समय भी नहीं बचा है, क्योंकि अगले साल जून में निगम चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न हो जाएगी। इसके पहले चुनाव की तिथि घोषित होने के साथ आचार संहिता लागू हो जाएगी। चूंकि 85 वार्डों में आरक्षण की प्रक्रिया भी उसी के चलते होगी, लिहाजा किस वार्ड से कौन पार्षद चुना जाएगा यह भी फिलहाल तय नहीं है। हालांकि दावेदारों की संख्या भाजपा में सबसे अधिक रहेगी, क्योंकि 20 वर्षों से भाजपा का ही कब्जा है।

    कैलाश विजयवर्गीय सीधे निर्वाचित पहले महापौर
    निगम चुनाव में पहले पार्षदों द्वारा महापौर का चयन किया जाता था। कांग्रेस के मधुकर वर्मा ऐसे आखिरी महापौर रहे। इसके बाद शासन ने सीधे जनता द्वारा महापौर का चुनाव शुरू करवाया और सन 2000 में कैलाश विजयवर्गीय ऐसे पहले महापौर बने, जो सीधे जनता द्वारा चुने गए। इसके बाद यह सिलसिला लगातार जारी रहा। विजयवर्गीय के बाद उमाशशि शर्मा के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णमुरारी मोघे और मालिनी गौड़ द्वारा ही चुनी गई। उनके कार्यकाल में ही इंदौर पहली बार देश का सबसे स्वच्छ शहर भी बना और वर्तमान में पुष्यमित्र भार्गव महापौर बने, जो हाईकोर्ट के अतिरिक्त महाधिवक्ता भी रहे। वे भी पुरुष सामान्य वर्ग से आते हैं। अब अगला महापौर कौन होगा यह तो लॉटरी से ही पता लगेगा। मगर महापौर पद की दौड़ में भी कई चेहरे शामिल हो गए हैं।

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