
इन्दौर। नगर निगम (Municipal council) मार्केट विभाग (Market Department) के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों (Officers and employees) का वेतन (salaries) रोक देने का आदेश जारी किया गया है। इस विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को निगम की दुकानों का सर्वे करने का आदेश दिया गया था। आदेश का पालन नहीं होने के कारण यह बड़ा कदम उठाया गया है।
आकाश सिंह ने बताया कि यदि कहीं पर मूल आवंटिती की मृत्यु हो गई है तो उसके वारिसों के नाम पर दुकान का नामांतरण किया जाना है। यदि दुकान का विक्रय कर दिया गया है तो रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के आधार पर उसका नामांतरण किया जाना है। जिन दुकानदारों द्वारा लीज की शर्तों का उल्लंघन किया गया है उनके आवंटन को निरस्त कर दुकान को फिर से नीलाम किया जाना है। इस कार्य को करने में मार्केट विभाग के अधिकारियों द्वारा रुचि नहीं ली गई। करीब 2 महीने का समय दिए जाने के बावजूद इनके द्वारा दुकानों का अधूरा सर्वे करके प्रस्तुत किया गया है। इस स्थिति में पूरे मार्केट विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का जुलाई महीने का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। कई सालों के बाद नगर निगम में यह पहला मौका है, जब लक्ष्य के अनुसार काम नहीं करने पर पूरे विभाग का वेतन रोकने का आदेश दिया गया है। इस विभाग में कुल 29 अधिकारी-कर्मचारी कार्य करते हैं। इसमें 5 क्लर्क, 3 आपरेटर, 2 चपरासी, 1 अधीक्षक, 2 एआरओ और 16 बिल कलेक्टर हैं। इन सभी का वेतन रोकने के साथ ही उन्हें चेतावनी भी दे दी गई है कि यदि अब भी सर्वे का कार्य पूरा करके बराबर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करोगे तो वेतन जारी नहीं होगा। ऐसा नहीं है कि कुछ दिन के लिए वेतन रोक दिया है और फिर काम भी नहीं होगा और वेतन भी जारी कर दिया जाएगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved