तेहरान। ईरान और अमेरिका (Iran and the United States) के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरानी संसद (Majlis) के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ (Mohammad Baqer Ghalibaf) ने कहा है कि यदि अमेरिका पिछले महीने हुए समझौता ज्ञापन (MoU) का उल्लंघन करता है, तो ईरान अपनी सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने दोहराया कि तेहरान को वॉशिंगटन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है।
गालिबाफ ने यह टिप्पणी इंडोनेशिया की संसद के अध्यक्ष अहमद मुजानी के साथ मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर साझा की। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा।
ईरानी संसद अध्यक्ष ने बताया कि हालिया शांति वार्ता के दौरान उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से भी साफ शब्दों में कहा था कि ईरान को अमेरिका की प्रतिबद्धताओं पर भरोसा नहीं है। उनके मुताबिक, केवल वही देश अमेरिका के साथ प्रभावी बातचीत कर सकता है जो अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो।
गालिबाफ ने कहा कि ईरान ने अपनी सैन्य और सुरक्षा तैयारियों में कभी ढील नहीं दी है। यदि अमेरिका किसी समझौते से पीछे हटता है, तो उसका जवाब देने के लिए ईरान सक्षम और तैयार है।
गालिबाफ का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणी के बाद आया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया था कि ईरान ने बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई है, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है।
ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच भविष्य की वार्ताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई अटकलें शुरू हो गई हैं।
तनावपूर्ण माहौल के बीच कतर एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कतर के प्रतिनिधि ईरान पहुंचे हैं और उनका उद्देश्य वाशिंगटन तथा तेहरान के बीच संवाद बहाल कर तनाव कम करने की संभावनाएं तलाशना है।
बताया जा रहा है कि यह पहल अमेरिका के साथ समन्वय में की गई है, ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता दोबारा खुल सके और बढ़ते तनाव को कूटनीतिक तरीके से कम किया जा सके।
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