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अमेरिका पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान, UNGA में भाषण पर दुनिया की नजर

September 23, 2026

तेहरान/न्यूयॉर्क। अमेरिका और ईरान (The United States and Iran) के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान (Masoud Pezeshkian) संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN)  के 81वें सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद अमेरिका ने ईरानी राष्ट्रपति और विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत प्रमुख अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने के लिए वीजा दिया है। हालांकि, ईरानी प्रतिनिधिमंडल की न्यूयॉर्क में आवाजाही और गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं।

पेजेशकियान के इस दौरे पर उनके भाषण पर खास नजर रहेगी। ईरान की ओर से कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र के मंच का इस्तेमाल वह अपना पक्ष रखने और ईरानी लोगों के अधिकारों व हितों को सामने रखने के लिए करेगा। अमेरिकी कार्रवाई को लेकर तेहरान अपना पक्ष रख सकता है और अपने सैन्य कदमों को आत्मरक्षा से जोड़ सकता है। इसी बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर खोलने की पेशकश भी की है, लेकिन इसके लिए अमेरिका से सैन्य दबाव कम करने और नाकाबंदी हटाने की शर्त रखी है।

होटल से यूएन मुख्यालय तक सीमित रहेगी आवाजाही

अमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अन्य विदेशी प्रतिनिधियों की तुलना में कड़े यात्रा प्रतिबंधों के साथ प्रवेश की अनुमति दी है। रिपोर्टों के मुताबिक पेजेशकियान और उनके प्रतिनिधिमंडल की आवाजाही न्यूयॉर्क में निर्धारित क्षेत्रों और यूएन से जुड़े आधिकारिक काम तक सीमित रहेगी। यूएन मुख्यालय, जॉन एफ. कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट या ईरान के यूएन मिशन से बाहर जाने के लिए पहले से अमेरिकी अनुमति की जरूरत होगी। प्रतिनिधिमंडल के लिए लग्जरी सामान खरीदने पर भी प्रतिबंध लागू है।

अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का प्रतिनिधित्व करने के उद्देश्य से अमेरिका आने की अनुमति दी गई है और उसका दायरा आधिकारिक यूएन गतिविधियों तक सीमित रहेगा। अमेरिका ने यह भी कहा है कि इस साल ईरान का मुख्य प्रतिनिधिमंडल पिछले वर्ष की तुलना में छोटा है।


  • पेजेशकियान की सुरक्षा में अमेरिकी एजेंसियां

    संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी राष्ट्रपति की सुरक्षा अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी होगी। अन्य ईरानी प्रतिनिधियों के लिए अमेरिकी डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी व्यवस्था लागू रहेगी। न्यूयॉर्क में यूएनजीए के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस, न्यूयॉर्क पुलिस विभाग और अन्य संघीय एजेंसियों के बीच समन्वय किया जा रहा है।

    यूएन महासभा के लिए आने वाले नेताओं की सुरक्षा को देखते हुए न्यूयॉर्क में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। इनमें पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था शामिल है।

    क्या पेजेशकियान और ट्रंप की मुलाकात होगी?

    अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाओं को लेकर भी अटकलें हैं। हालांकि, मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक पेजेशकियान की ट्रंप से मुलाकात की योजना फिलहाल तय नहीं है। ईरान की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा को कूटनीतिक संवाद का मंच बनाने की कोशिश की जा रही है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए अधिकार दिए गए हैं और तेहरान की ओर से अमेरिका तक युद्ध समाप्त करने से जुड़ा प्रस्ताव पहले ही मध्यस्थों के जरिए पहुंचाया जा चुका है।

    पेजेशकियान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, ईरान की स्थिति और क्षेत्रीय संघर्ष पर अपने देश का पक्ष रख सकते हैं। वहीं, वाशिंगटन की ओर से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर अपनी मांगें दोहराए जाने की संभावना है।

    होर्मुज पर ईरान का बड़ा प्रस्ताव

    इस दौरे के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है। ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाता है तो वह सात दिनों के भीतर होर्मुज को फिर से खोलने के लिए तैयार है। ईरान ने यह प्रस्ताव 16 सितंबर को मध्यस्थ के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया था।

    होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। इसलिए इसके आसपास जारी तनाव का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ रहा है।

    ईरानी प्रतिनिधिमंडल पर पहले भी रहे हैं प्रतिबंध

    अमेरिका पहले भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने आए ईरानी अधिकारियों की आवाजाही सीमित करता रहा है। मौजूदा व्यवस्था में भी प्रतिनिधिमंडल की गतिविधियों को आधिकारिक यूएन कार्यों तक सीमित रखा गया है। अमेरिकी अधिकारियों का तर्क है कि ईरानी प्रतिनिधियों को संयुक्त राष्ट्र में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देना और उनके अमेरिका में अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करना अलग-अलग विषय हैं।

    यूएन मुख्यालय तक पहुंच का नियम क्या कहता है?

    अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के बीच 1947 के मुख्यालय समझौते की धारा 11 में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को यूएन मुख्यालय तक आने-जाने में बाधा न डालने का प्रावधान है। समझौते में संबंधित प्रतिनिधियों को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है। वहीं, अमेरिकी कानून यह भी स्पष्ट करता है कि समझौता अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और यूएन मुख्यालय से बाहर अपने क्षेत्र में प्रवेश को नियंत्रित करने के अधिकार को खत्म नहीं करता।

    यही वजह है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल को यूएन कार्यक्रम में हिस्सा लेने की अनुमति मिलने के साथ ही उसकी गतिविधियों और आवाजाही पर अलग से प्रतिबंध लगाए गए हैं।

    फिलिस्तीनी राष्ट्रपति को नहीं मिला अमेरिकी वीजा

    ईरानी प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने के विपरीत अमेरिका ने फिलिस्तीनी अथॉरिटी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को इस बार भी वीजा नहीं दिया है। वह यूएन महासभा को वीडियो संदेश के जरिए संबोधित कर सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने वीजा इनकार के पीछे फिलिस्तीनी अथॉरिटी की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय कानूनी कार्रवाइयों से जुड़े अपने तर्क दिए हैं।

    फिलहाल न्यूयॉर्क में पेजेशकियान की मौजूदगी को ईरान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना पक्ष रखने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। उनके भाषण में अमेरिका के साथ जारी संघर्ष, युद्ध समाप्त करने की शर्तों, क्षेत्रीय सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा प्रमुख रह सकता है।

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