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ट्रंप के ‘डूम्सडे प्लेन’ ने भरी उड़ान, ईरान युद्ध के बीच बढ़ी हलचल

November 07, 2026

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान (America-Iran) के बीच जारी युद्ध के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के परमाणु हमले (Nuclear attacks) की स्थिति में इस्तेमाल होने वाले विशेष विमान बोइंग E-4B नाइटवॉच की उड़ान ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। इसे ‘डूम्सडे प्लेन’ के नाम से भी जाना जाता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह विमान गुरुवार को अमेरिका के आसमान में उड़ता दिखाई दिया। हालांकि, इसके गंतव्य और उड़ान के उद्देश्य का पता नहीं चल पाया है।

इकॉनमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति का यह आपातकालीन विमान नेब्रास्का स्थित अपने होम बेस से उड़ान भरने के बाद पूर्व दिशा की ओर जाता देखा गया। विमान ने कहां लैंडिंग की और फिलहाल कहां मौजूद है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप विमान में सवार थे या नहीं।



  • दरअसल, ईरान के खिलाफ आगे सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप के अलग-अलग बयानों के बीच इस उड़ान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर ट्रंप ने और तबाही नहीं चाहने की बात कही है, तो दूसरी ओर जरूरत पड़ने पर ईरान पर नए हमले करने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में विमान की गतिविधि को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

    क्या है अमेरिका का ‘डूम्सडे प्लेन’

    बोइंग E-4B नाइटवॉच को विशेष आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार किया गया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि परमाणु हमले या बड़े सैन्य संकट की स्थिति में यह अमेरिकी राष्ट्रपति, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और सेना के लिए हवाई कमांड सेंटर के रूप में काम कर सके। जमीन पर मौजूद कमान केंद्रों के नष्ट होने की स्थिति में भी इस विमान के जरिए राष्ट्रपति अमेरिकी सैन्य बलों को निर्देश दे सकते हैं।

    यह विमान परमाणु विस्फोट के प्रभावों और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स जैसी परिस्थितियों का सामना करने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसकी एक बड़ी खासियत हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता है। इससे यह लंबे समय तक लगातार उड़ान भर सकता है और जरूरत पड़ने पर करीब 35 घंटे तक संचालन में रह सकता है।

    ट्रेनिंग या किसी बड़े अभियान की तैयारी?

    गुरुवार को विमान की उड़ान के पीछे वास्तविक वजह अभी सामने नहीं आई है। इसे नियमित प्रशिक्षण या सैन्य अभ्यास का हिस्सा भी माना जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से इसके मिशन को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में इसे परमाणु हमले या संभावित विश्व युद्ध की तैयारी से जोड़ने का फिलहाल कोई पुष्ट आधार नहीं है। हालांकि, ईरान के साथ जारी तनाव के बीच इस विमान की गतिविधि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को लेकर चर्चाएं जरूर बढ़ा दी हैं।

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