img-fluid

ट्रंप को बड़ा झटका… ईरान के सुप्रीम लीडर बोले- विदेश नहीं भेजेंगे देश का यूरेनियम भंडार

May 22, 2026

तेहरान। अमेरिका (America) के साथ यूरेनियम (Uranium) को लेकर चल रही तीखी तकरार के बीच ईरान (Iran) ने बड़ा फैसला लिया है। दो वरिष्ठ ईरानी सूत्रों के मुताबिक, देश के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाखा मोजतबा मेनेई (Supreme Leader Ayatollah Mojtaba Menei) ने निर्देश जारी कर दिया है कि ईरान का लगभग हथियार-योग्य समृद्ध यूरेनियम भंडार विदेश नहीं भेजा जाएगा। इससे अमेरिका की प्रमुख मांग पर तेहरान का रुख और सख्त हो गया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इजरायल के साथ मिलकर चल रही शांति वार्ता अब और जटिल हो सकती है।


  • रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने इजरायल को आश्वासन दिया था कि ईरान का अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार देश से बाहर भेज दिया जाएगा और किसी भी शांति समझौते में इसे अनिवार्य शर्त बनाया जाएगा। नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले ईरानी सूत्रों ने बताया कि सर्वोच्च नेता का यह निर्देश और सत्ता के अंदरूनी हलकों में आम सहमति है कि समृद्ध यूरेनियम को देश से बाहर नहीं जाना चाहिए। अधिकारियों का मानना है कि ऐसा करने से ईरान भविष्य में अमेरिका-इजरायल हमलों के प्रति और अधिक कमजोर हो जाएगा।

    नेतन्याहू की सख्ती
    दूसरी ओर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि जब तक ईरान से समृद्ध यूरेनियम हटाया नहीं जाता, उसके प्रॉक्सी मिलिशिया समर्थन बंद नहीं होते और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता समाप्त नहीं की जाती, तब तक युद्ध समाप्त नहीं माना जाएगा।

    ईरान को विश्वास नहीं
    28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों से शुरू हुए युद्ध के बाद अस्थिर युद्धविराम लागू है। इस दौरान ईरान ने खाड़ी राज्यों में अमेरिकी ठिकानों पर गोलीबारी की और लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई तेज हुई। हालांकि शांति प्रयास अभी तक नाकाम रहे हैं। ईरानी सूत्रों ने कहा कि तेहरान को आशंका है कि युद्धविराम वाशिंगटन का सिर्फ रणनीतिक धोखा है, ताकि नए हमलों की तैयारी की जा सके। ईरान के शीर्ष शांति वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने बुधवार को कहा कि दुश्मन की गतिविधियां नए हमलों की तैयारी का संकेत दे रही हैं।

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
    ट्रंप ने बुधवार को कहा कि यदि ईरान शांति समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ तो अमेरिका नए हमलों के लिए तैयार है, हालांकि उन्होंने कुछ दिनों का इंतजार करने का भी संकेत दिया। दोनों पक्षों ने कुछ मुद्दों पर समझौता शुरू कर दिया है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर गहरे मतभेद बरकरार हैं, खासकर समृद्ध यूरेनियम के भविष्य और संवर्धन अधिकार पर।

    ईरान का रुख सख्त
    ईरानी अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि उनकी प्राथमिकता युद्ध का स्थायी समाधान और अमेरिका-इजरायल से कोई हमला न होने की विश्वसनीय गारंटी है। इसके बाद ही वे परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत बातचीत के लिए तैयार होंगे। ईरान लंबे समय से परमाणु बम बनाने से इनकार करता रहा है। युद्ध से पहले ईरान ने अपने 60% समृद्ध यूरेनियम भंडार का आधा हिस्सा बाहर भेजने पर सहमति जताई थी, लेकिन ट्रंप की लगातार धमकियों के बाद यह रुख बदल गया, जिसका परिणाम अब सबके सामने है।

    क्या कह रहे आईएईए के आंकड़े?
    अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के अनुसार, जून 2025 के हमलों के समय ईरान के पास 440.9 किलोग्राम 60% समृद्ध यूरेनियम था। हमलों के बाद बचा हुआ भंडार मुख्य रूप से इस्फहान और नतांज के परमाणु केंद्रों में सुरक्षित है। दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसे चिकित्सा और अनुसंधान रिएक्टर के लिए सीमित मात्रा में अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम की जरूरत है।

    Share:

  • पनगढ़िया ने दी रुपये की गिरावट में हस्तक्षेप न करने की सलाह, बोले- 100 सिर्फ एक संख्या

    Fri May 22 , 2026
    नई दिल्ली। नीति आयोग (Policy Commission) के पूर्व उपाध्यक्ष और प्रमुख अर्थशास्त्री अरविंद पनगढ़िया (Arvind Panagariya) ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India.- RBI) को रुपये के गिरावट (Decline of Rs) पर हस्तक्षेप न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि एक डॉलर के बराबर 100 रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved