वॉशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में हाल में तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने घटनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी तेल (Iranian oil) के उत्पादन और बिक्री से जुड़े जनरल लाइसेंस को रद्द करने की घोषणा की है। इस बीच कतर और सऊदी अरब ने भी समुद्री हमलों पर चिंता जताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अमेरिकी वित्त विभाग ने अपनी आधिकारिक जानकारी में बताया कि 21 जून को जारी वह जनरल लाइसेंस, जिसके तहत ईरानी तेल के उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति से संबंधित कुछ गतिविधियों को अनुमति दी गई थी, अब वापस ले लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि होर्मुज क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम के बाद यह निर्णय लिया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों ने समुद्री हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गतिविधियों के परिणाम भुगतने होंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता फिलहाल जारी रहेगी।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, दोनों देशों के प्रतिनिधि अंतिम समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से सद्भावना के साथ बातचीत कर रहे हैं। उनका कहना है कि मौजूदा तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
सऊदी अरब ने होर्मुज में तेल टैंकरों पर हुए हमलों की निंदा करते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं कतर ने अपने एलएनजी टैंकर पर कथित हमले के मुद्दे पर ईरान के उप राजदूत को तलब किया और विरोध दर्ज कराया। कतर के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जो जहाज निर्धारित समुद्री नियमों और समन्वय प्रक्रियाओं का पालन नहीं करते या ट्रैकिंग सिस्टम से छेड़छाड़ करते हैं, उन्हें सुरक्षा संबंधी जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। ईरान ने कतर से जुड़े जहाज पर हमले के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ऐसे आरोप अच्छे पड़ोसी संबंधों की भावना के अनुरूप नहीं हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के संचालन से जुड़े समझौते (एमओयू) के सभी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है। साथ ही अमेरिका द्वारा ईरानी तेल से जुड़े प्रतिबंधों को दोबारा लागू करने के फैसले की आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया।
लगातार हुए समुद्री हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा एक बार फिर वैश्विक चिंता का विषय बन गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी असर डाल सकता है।
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