
नई दिल्ली । फिल्मी दुनिया(film industry) में सफलता जितनी तेजी(success fleeting) से मिलती है उतनी ही तेजी से कठिन दौर भी सामने आ सकता है। अभिनेता विवेक ओबरॉय(Actor Vivek Oberoi’s) की जिंदगी इसका बड़ा उदाहरण है। शानदार फिल्मों और कई पुरस्कारों के बावजूद एक समय ऐसा आया जब उन्हें काम मिलना लगभग बंद हो गया। इंडस्ट्री में उनका बहिष्कार होने लगा और लगातार बढ़ती परेशानियों के बीच वह मानसिक रूप से भी बेहद परेशान रहने लगे। ऐसे कठिन समय में अभिनेता अक्षय कुमार उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आए और बिना किसी दिखावे के उनकी ऐसी मदद की जिसे विवेक आज भी कभी नहीं भूल पाए हैं।
एक पुराने पॉडकास्ट में विवेक ओबरॉय ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि वह लंबे समय तक घर पर ही रहने लगे थे और गहरे तनाव से गुजर रहे थे। तभी एक दिन अक्षय कुमार का फोन आया। उन्होंने हालचाल पूछा और कुछ ही समय बाद सीधे विवेक के घर पहुंच गए। अक्षय ने उनकी पूरी बात सुनी और उन्हें समझाया कि हर मुश्किल समय हमेशा नहीं रहता। उन्होंने कहा कि वह हर समस्या का समाधान तो नहीं कर सकते लेकिन उनका आत्मविश्वास जरूर वापस ला सकते हैं।
विवेक के मुताबिक उस समय अक्षय कुमार कई बड़े स्टेज शो और कार्यक्रमों में व्यस्त थे। व्यस्त कार्यक्रम के कारण वह कुछ ऑफर स्वीकार नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने उन कार्यक्रमों और प्रोजेक्ट्स की सिफारिश विवेक ओबरॉय के लिए कर दी। इन आयोजनों में काम मिलने से विवेक को आर्थिक राहत मिली और सबसे बड़ी बात यह रही कि वह फिर से दर्शकों के बीच पहुंचने लगे। स्टेज पर लोगों का प्यार और तालियां सुनकर उनका आत्मविश्वास लौटने लगा और मानसिक स्थिति भी पहले से बेहतर होती गई।
विवेक ने बताया कि अक्षय कुमार ने कभी यह दावा नहीं किया कि वह उनके लिए किसी से लड़ेंगे या इंडस्ट्री की राजनीति बदल देंगे। उन्होंने केवल एक व्यावहारिक रास्ता दिखाया जिससे वह फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सके। यही वजह है कि विवेक आज भी उस मदद को अपने जीवन का सबसे बड़ा सहारा मानते हैं।
दरअसल विवेक ओबरॉय का करियर उस समय विवादों में आ गया था जब उन्होंने अभिनेता सलमान खान के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई गंभीर आरोप लगाए थे। यह मामला उस दौर में काफी चर्चा में रहा और इसके बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर कम मिलने लगे। हालांकि इस कठिन दौर में भी उन्होंने हार नहीं मानी और धीरे धीरे अपने करियर को नई दिशा देने का प्रयास किया।
विवेक ओबरॉय की यह कहानी बताती है कि सफलता के पीछे केवल प्रतिभा ही नहीं बल्कि कठिन समय में मिलने वाला सही साथ भी बेहद मायने रखता है। अक्षय कुमार की संवेदनशीलता और व्यवहारिक मदद ने साबित किया कि सच्ची दोस्ती केवल शब्दों से नहीं बल्कि सही समय पर किए गए सहयोग से पहचानी जाती है। यही वजह है कि वर्षों बाद भी विवेक ओबरॉय खुले दिल से उस मदद को याद करते हैं और अक्षय कुमार के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हैं।
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