
नई दिल्ली ।भाजपा सांसद (BJP MP) और अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) तथा योग गुरु बाबा रामदेव (Baba Ramdev) के बीच जेन जी (Gen Z) को लेकर शुरू हुआ विवाद अब व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गया है। रामदेव की ओर से कंगना के पुराने बयानों और उनके निजी जीवन (Personal Life) को लेकर टिप्पणी (Remark) किए जाने के बाद अभिनेत्री ने सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से तीखी प्रतिक्रिया दी है।
कंगना ने रामदेव की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें उनकी जवानी या निजी जीवन को लेकर अनुमान लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि केवल अफवाहों और गॉसिप के आधार पर किसी व्यक्ति के चरित्र के बारे में राय बनाना उचित नहीं है।
अभिनेत्री ने अपने जवाब में रामदेव को उनके निजी जीवन से जुड़े सवालों पर टिप्पणी नहीं करने की सलाह दी। कंगना ने यह भी दावा किया कि उन्हें ऐसे मामलों में चरित्र का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। उनकी प्रतिक्रिया से साफ है कि विवाद अब केवल जेन जी से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक बयान तक सीमित नहीं रहा है।
विवाद की शुरुआत कंगना के जेनरेशन जी से जुड़े बयान से हुई थी। जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों और युवा महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में जेन जी से जुड़े लोगों के लिए गटर जनरेशन जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।
कंगना की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। कई लोगों ने उनके बयान को युवाओं के एक बड़े वर्ग के प्रति अनुचित टिप्पणी बताया था। बाद में कंगना ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा था कि उनका निशाना सभी युवा या पूरी जेन जी नहीं थी, बल्कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक आचरण और भाषा की सीमा पार करने वाले कुछ लोग थे।
इसी विवाद को लेकर बाबा रामदेव ने भी कंगना की आलोचना की। उन्होंने जेनरेशन जी को गटर कहे जाने को गलत बताते हुए कहा कि युवाओं को इस तरह संबोधित नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि युवा देश की वर्तमान और भविष्य की महत्वपूर्ण ताकत हैं और उनके अधिकारों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
रामदेव ने यह भी कहा कि युवाओं में कुछ नकारात्मक तत्व हो सकते हैं, लेकिन पूरे युवा वर्ग को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है। उन्होंने कंगना की टिप्पणी पर अपनी असहमति जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह के बयान पर संबंधित राजनीतिक दल को भी ध्यान देना चाहिए।
रामदेव की टिप्पणी के बाद कंगना ने उनके पुराने विवादों और सार्वजनिक बयानों का उल्लेख करते हुए पलटवार किया। उन्होंने कहा कि किसी के निजी जीवन के बारे में अनुमान लगाना या अफवाहों के आधार पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अपने चरित्र को लेकर दिए गए किसी भी उपदेश को स्वीकार करने से इनकार किया।
कंगना ने अपनी प्रतिक्रिया में रामदेव से जुड़े कानूनी विवाद का भी उल्लेख किया और कहा कि उनके खिलाफ कथित झूठे और भ्रामक चिकित्सकीय दावों को लेकर शीर्ष अदालत की ओर से की गई टिप्पणियां सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। उन्होंने इसी आधार पर निजी जीवन को लेकर टिप्पणी करने के अधिकार पर सवाल उठाया।
दोनों के बीच हुई यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब जेन जी और छात्र आंदोलनों को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज है। कंगना का शुरुआती बयान जहां युवाओं के एक वर्ग के व्यवहार पर केंद्रित था, वहीं रामदेव ने पूरे युवा वर्ग के सम्मान और उसकी भूमिका पर जोर दिया। अब कंगना के पलटवार के बाद विवाद का अगला रुख उनके बीच आगे होने वाली सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
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