
इंदौर। इंदौर एयरपोर्ट के पास से सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से जोडऩे के लिए जो इकोनॉमिक कॉरिडोर बनाया जा रहा है उसमें 50 फीसदी से अधिक निजी जमीन मालिकों से अनुबंध हो चुके हैं। लैंड पूलिंग एक्ट के तहत किसानों और जमीन मालिकों को 60 फीसदी विकसित भूखंड का लाभ दिया जा रहा है। 20 किलोमीटर लम्बे इस इकोनॉमिक कॉरिडोर में 75 मीटर चौड़ी सडक़ का निर्माण किया जा रहा है। अभी पहले चरण में 7 किलोमीटर का रोड इंदौर से नावदा पंथ तक बनाया जा रहा है। उसके बाद सिंहासा से आगे की सडक़ बनेगी। बारिश में अवश्य रोड निर्माण का कार्य प्रभावित रहेगा।
अभी कुछ समय पूर्व ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन नैनोद में किया और इस अवसर पर जमीन मालिकों को विकसित भूखंड के आवंटन-पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने इस कॉरिडोर को मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति में नई दिशा देने और इसे राज्य के सबसे महत्वपूर्ण विकास प्रोजेक्ट में शामिल बताया। मुख्यमंत्री की पहल पर मुआवजा राशि को 50 से बढ़ाकर 60 और 70 फीसदी तक किया गया। यह कॉरिडोर 20 किलोमीटर लम्बा बनाया जा रहा है, जिस पर 2360 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी और 1316 हेक्टेयर जमीन पर इसकी प्लानिंग की गई है।
75 मीटर चौड़े रोड के दोनों तरफ 300-300 मीटर में विभिन्न तरह की गतिविधियां आएंगी। राष्ट्रीय राजमार्ग 47 और 52 के बीच कनेक्टिविटी जोडऩे में भी यह कॉरिडोर उपयोगी साबित होगा। एमपीआईडीसी के एमडी हिमांशु प्रजापति के मुताबिक आईटी पार्क, डेटा सेंटर, फिंटेक सिटी, लॉजिस्टिक पार्क सहित कई अन्य व्यवसायिक-आवासीय गतिविधियां कॉरिडोर के दोनों तरफ 300-300 मीटर के दायरे में विकसित की जाएगी। अभी लगातार निजी जमीन मालिकों से अनुबंध किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अभी 30 और जमीन मालिकों की भी सहमति मिल गई है। मुआवजा स्वरूप योजना अंतर्गत आवंटन योग्य क्षेत्रफल का 60 प्रतिशत तक भूखंड आवंटन जमीन मालिकों को किया जाएगा। अभी 22 हेक्टेयर जमीन और निजी हासिल हो गई है।
सुपर कॉरिडोर पर तीन एकड़ में आएगा आधुनिक आईटी पार्क
कल भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि इंदौर में अत्याधुनिक आईटी पार्क निर्मित किया जाएगा। सुपर कॉरिडोर पर तीन एकड़ मेंबनने वाले इस आईटी पार्क का निर्माण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा और लगभग 3 लाख स्क्वेयर फीट निर्मित क्षेत्र इस आईटी पार्क में तैयार होगा। इसमें जीसीसी, आईटी और डिजिटल सेवा कम्पनियों के लिए विश्वस्तरीय कार्यालय उपलब्ध कराए जाएंगे। यह भी उल्लेखनीय है कि इंदौर में जो तीन आईटी पार्क एमपीआईडीसी द्वारा निर्मित किए जा रहे हैं उसका भी अवलोकन कुछ समय पूर्व इंदौर आए मुख्यमंत्री ने किया था, जिसमें खंडवा रोड पर भी एक नया आईटी पार्क बनाया जा रहा है।
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