इस्लामाबाद। पाकिस्तान में एक बार फिर ‘अननोन गनमैन’ (Unknown Gunman) की कार्रवाई सामने आई है। इस बार निशाना आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े वरिष्ठ कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी बने, जिन्हें अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया।
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में अफरीदी पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी, हालांकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
हाफिज सईद का करीबी बताया जाता था
शेख यूसुफ अफरीदी को हाफिज सईद का करीबी सहयोगी माना जाता था। बताया जाता है कि वह लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा था और खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में नेटवर्क संभालता था। आरोप है कि वह युवाओं को तैयार कर उन्हें कश्मीर समेत अन्य क्षेत्रों में भेजने में सक्रिय भूमिका निभाता था। अफरीदी कई मौकों पर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी सईद के साथ नजर आ चुका था।
टारगेट किलिंग का शक, जांच जारी
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह मामला टारगेट किलिंग का प्रतीत होता है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
‘अननोन गनमैन’ की घटनाएं बढ़ीं
गौरतलब है कि पाकिस्तान में हाल के महीनों में अज्ञात हमलावरों द्वारा इस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें कई विवादित और भारत-विरोधी गतिविधियों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया है। हालांकि इन घटनाओं के पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है।
भारत का स्पष्ट रुख
इन घटनाओं को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं, लेकिन भारत सरकार ने हमेशा साफ किया है कि वह किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान करती है और ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है।
कुल मिलाकर, अफरीदी की हत्या ने पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क से जुड़े समीकरणों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved