
नई दिल्ली । महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी (Maharashtra Samajwadi Party) के प्रदेश अध्यक्ष अबू आजमी (Abu Azmi) ने रमजान (Ramadan) के पवित्र महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों (Muslim government employees) को शाम 4 बजे कार्यालय छोड़ने की सुविधा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों ने अपने मुस्लिम अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह की राहत दी है, ताकि वे इफ्तार और नमाज के लिए समय निकाल सकें। अबू आजमी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्य में समान व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया है और उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।
रमजान में दिनचर्या और आवश्यकता
अबू आजमी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि रमजान के दौरान मुस्लिम लोग सुबह 4-5 बजे सहर के लिए उठते हैं, भोजन करते हैं और फिर जल्दी ड्यूटी पर निकल जाते हैं। इफ्तार शाम लगभग 6:30 बजे होता है और उसके एक घंटे बाद नमाज अदा की जाती है। उन्होंने कहा कि रमजान मुसलमानों के लिए बेहद पवित्र महीना है, जिसमें रोजा, इबादत और अन्य धार्मिक अनुष्ठान शामिल हैं। इसलिए कर्मचारियों को शाम के समय कुछ राहत मिलना जरूरी है ताकि वे अपनी धार्मिक जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा सकें।
अबू आजमी की मांग
अबू आजमी ने बताया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के आदेशों से प्रेरित होकर उन्होंने यह पहल की है। उन्होंने कहा, “जब मैंने देखा कि इन राज्यों में मुस्लिम अधिकारियों को 4 बजे छुट्टी मिल रही है, तो मुझे लगा कि महाराष्ट्र में भी यह होना चाहिए। इसलिए मैंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा। इससे कर्मचारियों को धार्मिक और कार्यस्थल दोनों में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी, बिना उत्पादकता प्रभावित किए।”
यह मांग ऐसे समय में आई है जब कई राज्यों में रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों के लिए विशेष रियायतों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक हलकों में इसे लेकर बहस हो सकती है, लेकिन अबू आजमी इसे सकारात्मक कदम मानते हैं।
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