
नई दिल्ली। सोने (Gold) की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार (International and Domestic Markets) दोनों में गोल्ड में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसे पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी मंथली गिरावट माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2008 के बाद पहली बार सोने में इस तरह की बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है।
इंटरनेशनल मार्केट में गिरा सोना
1 जुलाई को कॉमेक्स (COMEX) बाजार में सोने की कीमतों में फिर गिरावट दर्ज की गई। गोल्ड 22 डॉलर से अधिक सस्ता होकर करीब 3,985 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे पहले सोना 4,005.69 डॉलर प्रति औंस पर खुला था, लेकिन दिनभर इसमें गिरावट जारी रही और यह 4,000 डॉलर के नीचे फिसल गया।
MCX पर भी भारी गिरावट
घरेलू वायदा बाजार MCX में भी सोने की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में 10 ग्राम सोना 1.92 लाख रुपये तक पहुंच गया था, लेकिन जून में इसमें लगातार गिरावट दर्ज हुई। जून के दौरान ही सोना करीब 19,700 रुपये तक सस्ता हुआ। महीने की शुरुआत में जहां कीमत करीब 1.60 लाख रुपये थी, वहीं 30 जून तक यह घटकर लगभग 1.40 लाख रुपये के स्तर पर आ गई।
रिकॉर्ड स्तर से बड़ी गिरावट
आंकड़ों के अनुसार, सोना अपने रिकॉर्ड हाई से अब तक लगभग 20% तक टूट चुका है। वहीं चांदी में इससे भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जो करीब 43% तक सस्ती हो चुकी है।
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से महंगाई पर असर पड़ा है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है। नए चेयरमैन के संभावित सख्त रुख के चलते भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।
इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने भी निवेशकों को सोने से दूरी बनाने पर मजबूर किया है। वैश्विक आर्थिक सुस्ती और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से पैसा निकालकर अन्य जगह लगा रहे हैं, जिससे इसकी कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।
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