विदेश

वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल हुआ मक्की, चीन ने प्रतिबंध को बताया सही कदम

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) । भारत और अमेरिका (India and America) ने पिछले साल संयुक्त रूप से पाकिस्तान के अब्दुल रहमान मक्की (abdul rehman makki) को वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। तब चीन ने ही इस प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाया था। अब चीन (China) के यह रोक हटाते ही मक्की को इस सूची में शामिल कर लिया गया।

पाकिस्तान (Pakistan) नाराज न हो इसके लिए चीनी विदेश मंत्री वांग वेनबिन ने खुद अपने देश के इस कदम का बचाव किया। उन्होंने बीजिंग में कहा, आतंकियों को सूचीबद्ध करना वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से निपटने के अनुकूल है। चीन ने आतंकवाद (terrorism) से निपटने के पाकिस्तान के प्रयासों की भी सराहना की।


बता दें कि मुंबई हमले में शामिल मक्की को 2020 में पाकिस्तान की अदालत सजा सुना चुकी है। यूपी के रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले में भी वह शामिल था। अमेरिका ने उसे दो अरब डॉलर का वैश्विक आतंकी घोषित किया है।

चीन तैयार, बनेगा कार्रवाई का आधार
जैश-ए-मोहम्मद सरगना अब्दुल रऊफ असगर संसद भवन पर हुए हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शुमार है। उसे वैश्विक आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में भारत की तरफ से पेश किया जा चुका है, लेकिन चीन ने तकनीकी रोक लगा दी है। हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद, लश्कर-ए-तायबा के शाहिद महमूद व साजिद मीर पर कार्रवाई का प्रस्ताव भी यूएनएससी में लंबित है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि राजदूत सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, विश्वास है कि लंबित आतंकियों पर कार्रवाई में तेजी आएगी… यह पहले वाला भारत नहीं है। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा, यह हमारी कूटनीति का गौरव काल है।

2019 में मिली थी बड़ी सफलता
पाकिस्तानी आतंकियों को प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव में चीन बार-बार अड़ंगा लगा देता है। भारत को मई 2019 में संयुक्त राष्ट्र में एक बड़ी कूटनीतिक जीत तब मिली थी, जब मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया गया था।

यह है नियम…
यूएनएससी की गाइडलाइन के अनुसार, समिति सदस्य प्रस्ताव पर पुनर्विचार का आग्रह कर सकते हैं और अंतिम फैसला होने तक प्रस्ताव को विचाराधीन माना जाता है। प्रस्ताव पर रोक लगाने वाले सदस्य को तीन महीने बाद उस संबंध में प्रगति का ब्योरा साझा करना होता है।
जब सदस्य रोक हटा देता है, तो संयुक्त राष्ट्र सचिवालय को तत्काल आईएसआईएल (दाएश) व अल कायदा प्रतिबंध सूची को अपडेट करना पड़ता है और इसकी सूचना सदस्य देशों के साथ साझा करनी होती है। संयुक्त राष्ट्र अब तक पाकिस्तान में स्थित या उससे जुड़े करीब 150 आतंकियों व संगठनों को प्रतिबंधित कर चुका है।

तिरुमूर्ति के कार्यकाल में पेश हुआ था प्रस्ताव
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रह चुके टीएस तिरुमूर्ति ने मक्की के खिलाफ कार्रवाई को बड़ी सफलता करार दिया है। उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद में भारत की तरफ से आतंकी को काली सूची में डालने का प्रस्ताव पारित हुआ है। खास बात है कि प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का उल्लेख है। उल्लेखनीय है कि जून 2022 में तिरुमूर्ति के कार्यकाल में ही मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने का प्रस्ताव पेश हुआ था।

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