
डेस्क: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़े युद्ध की आशंका तेज हो गई है. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स और अमेरिकी सैन्य गतिविधियों ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले की तैयारी कर रहे हैं. इजरायली सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से हथियार और गोला-बारूद लेकर दर्जनों कार्गो विमान तेल अवीव पहुंच चुके हैं. इजरायल के सरकारी टीवी चैनल कान के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच रविवार को करीब आधे घंटे तक फोन पर बातचीत हुई.
इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान के खिलाफ संभावित नए सैन्य अभियान पर चर्चा की. रिपोर्ट में एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा गया कि यदि अमेरिका ईरान पर दोबारा हमला करता है, तो इजरायल भी पूरी ताकत से उसमें शामिल हो सकता है और ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है. इजरायली चैनल-12 ने दावा किया कि बातचीत ऐसे समय हुई जब इजरायली सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सेना को किसी भी संभावित जवाबी हमले या क्षेत्रीय तनाव के लिए तैयार रहने को कहा गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल चाहता है कि अमेरिका किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले उसे पूरी जानकारी दे, हालांकि अभी हमले की संभावित तारीख या समय को लेकर स्पष्टता नहीं है.
डोनाल्ड ट्रंप अगले 24 से 48 घंटों के भीतर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर सकते हैं. यह दावा दोहा इंस्टीट्यूट ऑफ ग्रेजुएट स्टडीज में मीडिया स्टडीज के प्रोफेसर मोहम्मद अलमासरी ने किया है. अल जजीरा से बातचीत में अलमासरी ने कहा कि ट्रंप पर कई तरफ से दबाव है. इनमें इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके प्रशासन के कड़े रुख वाले अधिकारी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ट्रंप को ईरान से उस तरह का झुकाव या समझौता नहीं मिला, जिसकी उन्हें उम्मीद थी. उनके मुताबिक ट्रंप को यह भी लगा था कि ईरान के साथ बातचीत अलग दिशा में जाएगी और हाल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक के बाद हालात उनके पक्ष में होंगे.
उधर अमेरिकी सैन्य गतिविधियां भी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही हैं. इजरायली चैनल-13 के मुताबिक पिछले 24 घंटे में अमेरिकी कार्गो विमान बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद लेकर इजरायल पहुंचे हैं. माना जा रहा है कि यह खेप ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध की तैयारी का हिस्सा है. इस बीच खाड़ी क्षेत्र में भी अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है. अमेरिकी युद्धपोत, लड़ाकू विमान और अपाचे हेलिकॉप्टर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि अमेरिकी डेस्ट्रॉयर जहाजों पर लगे लेजर हथियारों ने ईरानी ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया.
क्या फिर से छिड़ेगा युद्ध
इस बीच ट्रंप लगातार ईरान को चेतावनी दे रहे हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर एआई-जनरेटेड तस्वीरें साझा कीं, जिनमें ईरान की ओर बढ़ते लाल तीर और तूफान से पहले का सन्नाटा जैसे संदेश दिखाई दिए. ट्रंप ने साफ कहा कि अगर तेहरान अमेरिका के साथ शांति समझौता नहीं करता, तो उसे बहुत बुरे हालात का सामना करना पड़ेगा. गौरतलब है कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद करीब 40 दिनों तक संघर्ष चला था. बाद में युद्धविराम हुआ लेकिन शांति वार्ताएं किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकीं. अब एक बार फिर बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने संकेत दे दिए हैं कि मध्य पूर्व एक नए बड़े टकराव की ओर बढ़ रहा है.
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