
नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान(Sara Ali Khan) एक बार फिर केदारनाथ (Kedarnath) मंदिर में दर्शन और पूजा करने को लेकर धार्मिक विवाद में आ गई हैं। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली (Bareilly) के मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने उनके मंदिर जाने और वहां प्रार्थना करने पर आपत्ति जताई है। मौलाना ने इस मामले में फतवा जारी करते हुए कहा है कि इस्लाम (Islam) और शरीयत (Shariah)के अनुसार किसी मुसलमान के लिए दूसरे धर्म के धार्मिक स्थल पर जाकर उस धर्म की परंपरा के मुताबिक पूजा करना जायज नहीं है। उन्होंने अभिनेत्री से अल्लाह के सामने तौबा करने और अपने कृत्य के लिए माफी मांगने की बात भी कही है।
जानकारी के अनुसार, सारा अली खान 25 अक्टूबर, रविवार को उत्तराखंड स्थित केदारनाथ मंदिर पहुंची थीं। इस दौरान उन्हें मंदिर परिसर के बाहर दर्शन के लिए लगी कतार में अपनी बारी का इंतजार करते देखा गया। दर्शन और प्रार्थना के बाद अभिनेत्री मंदिर के बाहर हाथ जोड़कर खड़ी नजर आईं। उनके इस दौरे से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
इसके बाद मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एक वीडियो बयान जारी कर अभिनेत्री के मंदिर में पूजा करने पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई युवाओं ने उनसे सवाल किया था कि क्या सारा अली खान का केदारनाथ मंदिर में पूजा करना शरीयत के मुताबिक सही है। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार दूसरे धर्म की पूजा-पद्धति अपनाना जायज नहीं है।
मौलाना ने अपने बयान में इसे शरीयत के तहत हराम बताया। साथ ही उन्होंने सारा अली खान को अल्लाह से माफी मांगने की सलाह दी। उनका कहना था कि अभिनेत्री को अपने इस कदम के लिए तौबा करनी चाहिए। इस बयान के बाद सारा के केदारनाथ दौरे को लेकर धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत आस्था से जुड़ी चर्चा फिर शुरू हो गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब सारा अली खान के केदारनाथ जाने पर विवाद हुआ हो। अभिनेत्री पिछले चार वर्षों से लगातार इस धार्मिक स्थल पर जा रही हैं। केदारनाथ से उनका जुड़ाव उनकी पहली फिल्म के नाम से भी रहा है। वर्ष 2018 में रिलीज हुई उनकी पहली फिल्म ‘केदारनाथ’ में उन्होंने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ काम किया था। फिल्म की शूटिंग और रिलीज के दौरान भी उत्तराखंड में उन्हें दक्षिणपंथी संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा था।
सारा अली खान अभिनेत्री अमृता सिंह और अभिनेता सैफ अली खान की बेटी हैं। वह कई मौकों पर केदारनाथ यात्रा से जुड़ी तस्वीरें साझा करती रही हैं। इस बार मंदिर में पूजा करने के बाद मौलाना की प्रतिक्रिया ने इस दौरे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
इस विवाद के बीच बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के लिए लागू की गई प्रक्रिया भी चर्चा में है। समिति बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों का प्रबंधन करती है। इसके तहत गैर-हिंदू श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रार्थना करने से पहले शपथ-पत्र जमा करना अनिवार्य किया गया है।
समिति के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह रंगार ने बताया कि सारा अली खान की टीम ने उनके केदारनाथ दौरे से पहले निर्धारित शपथ-पत्र जमा कराया था। इस पुष्टि से यह स्पष्ट हुआ कि अभिनेत्री की यात्रा के दौरान मंदिर समिति की ओर से तय प्रक्रिया का पालन किया गया था।
फिलहाल इस पूरे मामले में चर्चा का मुख्य विषय सारा अली खान का केदारनाथ में पूजा करना, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का फतवा और मंदिर में गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के प्रवेश से जुड़ी निर्धारित प्रक्रिया है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved