
जबलपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 27 फ़ीसदी ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) का मसला लगातार सरकार के गले की फांस बना हुआ है। एक बार फिर आज 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के खिलाफ लगी याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट (Jabalpur High Court) ने सरकार को नोटिस जारी किए हैं।
अगले कुछ दिनों में MBBS सीटों के लिए काउंसलिंग होना है। याचिकाकर्ता ने काउंसलिंग प्रक्रिया को याचिका के जरिए चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने इस पर प्राथमिक सुनवाई करते हुए सरकार को नोटिस जारी किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
यह याचिका एक छात्र शुभम पांडे की ओर से दायर की गई है। इसमें मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम 2018 में किए गए संशोधन को चुनौती दी गयी है। याचिका में तर्क दिया गया है कि हाल ही में होने वाली काउंसलिंग में ओबीसी वर्ग के छात्रों को 27 फ़ीसदी आरक्षण दिए जाने का प्रावधान कर दिया गया है जो सुप्रीम कोर्ट के तमाम फैसलों और आदेश का उल्लंघन है।
50 फीसदी से ज्यादा न हो आरक्षण
इस याचिका में इंदिरा साहनी मामले का हवाला देते हुए कहा गया है कि किसी भी सूरत में आरक्षण का प्रतिशत 50 फ़ीसदी से अधिक नहीं हो सकता. और हाल ही में आए मराठा रिजर्वेशन के फैसला भी कुछ इसी ओर इशारा करता है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस की बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार और संचालक चिकित्सा शिक्षा को नोटिस जारी किया है और इस याचिका को भी ओबीसी संबंधी अन्य याचिकाओं के साथ लिंक कर दिया है।
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