
नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में सोमवार रात रतनगढ़ थाना क्षेत्र की जाट पुलिस चौकी के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब एक पुलिस आरक्षक और स्थानीय युवक के बीच हुए विवाद के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। देखते ही देखते सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ चौकी के बाहर पहुंच गई और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए रतनगढ़ थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, जाट गांव में एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान आरक्षक जसवंत वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि आरक्षक पहले जाट पुलिस चौकी में पदस्थ रह चुका है, लेकिन बाद में उसे पुलिस लाइन में अटैच कर दिया गया था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, मैच के दौरान आरक्षक और एक स्थानीय युवक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि आरक्षक ने युवक को धमकाया, जिसके बाद मामला बढ़ गया।
विवाद की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और ग्रामीणों ने आरक्षक के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद के दौरान आरक्षक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की घटना भी हुई। सूत्रों के अनुसार, इसके बाद आरक्षक को जाट पुलिस चौकी लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कार्रवाई की मांग करने लगे।
रात करीब 10 बजे जाट पुलिस चौकी के बाहर 400 से 500 लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। चौकी के बाहर मौजूद लोग नारेबाजी करते हुए संबंधित आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। भीड़ बढ़ने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रतनगढ़ थाने से अतिरिक्त पुलिस बल को तत्काल जाट गांव भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद आरक्षक ने ग्रामीणों के सामने अपनी बात रखी और मामला शांत कराने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ रतनगढ़ थाने ले गई। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
ग्रामीणों और संबंधित युवक के परिजनों का कहना है कि वे मामले की शिकायत लेकर जिला मुख्यालय जाएंगे और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने और अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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