
नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेत्री (Veteran actress)मौसमी चटर्जी (Moushumi Chatterjee)ने बेहद कम उम्र में फिल्मी दुनिया (World of Cinema) में कदम रखा और देखते ही देखते अपनी अलग पहचान बना ली। बंगाली फिल्म बालिका वधू (Child bride) से किशोरावस्था में अभिनय की शुरुआत करने वाली मौसमी ने आगे चलकर हिंदी और बंगाली सिनेमा में कई यादगार फिल्मों में काम किया। हालांकि उनका निजी जीवन भी उनके फिल्मी सफर जितना ही दिलचस्प रहा है। कम उम्र में शादी करने वाली मौसमी अब अपनी बेटी और आज की युवा पीढ़ी को रिश्तों तथा शादी को लेकर जल्दबाजी नहीं करने की सलाह देती हैं
जागरण फिल्म फेस्टिवल 2026 में बातचीत के दौरान मौसमी ने अपनी बेटी मेघा मुखर्जी को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह अपनी बेटी से कहती हैं कि जीवन में किसी को पसंद करना या बॉयफ्रेंड होना अलग बात है लेकिन उससे शादी करना जरूरी नहीं है। मौसमी की इस सलाह में रिश्ते को समझने और अपने फैसले खुद लेने पर जोर दिखाई देता है। उन्होंने युवा महिलाओं को सतर्क रहने और परिस्थितियों के अनुसार अपने विवेक से निर्णय लेने की बात भी कही
मौसमी ने आज की युवा पीढ़ी के तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि समय के साथ समाज काफी बदला है। उनके मुताबिक लड़कियों को बचपन से घर और ससुराल की जिम्मेदारियों के बारे में बताया जाता है लेकिन लड़कों को भी घरेलू जिम्मेदारियों के लिए तैयार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जीवन में अपनी पसंद के काम करने चाहिए लेकिन किसी भी चीज की अति नहीं होनी चाहिए। गलती हो जाए तो उससे सीख लेकर उसे दोबारा नहीं दोहराना चाहिए
अपनी शादी का किस्सा बताते हुए मौसमी ने एक बेहद भावुक घटना का जिक्र किया था। बालिका वधू की सफलता के बाद उनके लिए कई रिश्ते आने लगे थे। इसी दौरान उनकी एक बीमार बुआ की तबीयत बेहद खराब थी। बताया जाता है कि उनकी बुआ कैंसर की गंभीर अवस्था में थीं और उनकी इच्छा थी कि वह मौसमी की शादी देख सकें। बुआ ने मौसमी के होने वाले ससुर हेमंत कुमार का हाथ पकड़कर अपनी इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद परिस्थितियां तेजी से बदलीं और करीब एक महीने के भीतर ही मौसमी की शादी जयंत मुखर्जी से हो गई
मौसमी ने बहुत कम उम्र में शादी के साथ अपनी फिल्मी यात्रा भी जारी रखी। 1970 के दशक में वह हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हुईं। अनुराग रोटी कपड़ा और मकान बेनाम स्वर्ग नरक मंजिल अंगूर और स्वयंवर जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया। उन्होंने अमिताभ बच्चन राजेश खन्ना धर्मेंद्र जितेंद्र विनोद खन्ना और संजीव कुमार जैसे बड़े कलाकारों के साथ भी काम किया
आज 70 वर्ष की उम्र में मौसमी जब पीछे मुड़कर अपने जीवन को देखती हैं तो उनके अनुभवों में रिश्तों और स्वतंत्रता को लेकर एक अलग नजरिया दिखाई देता है। उनका कहना है कि नई पीढ़ी को अपनी जिंदगी को केवल दूसरों की अपेक्षाओं के हिसाब से नहीं चलाना चाहिए। उन्हें अपने फैसले सोच समझकर लेने चाहिए और हर अनुभव से सीखना चाहिए। मौसमी की बातों में उनकी अपनी जिंदगी के अनुभवों की झलक भी नजर आती है क्योंकि उन्होंने खुद बेहद कम उम्र में शादी और साथ ही लंबे फिल्मी करियर का दौर देखा है
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