
मैहर में सामान्य से 58 और आलीराजपुर में 47 प्रति. कम बारिश, इंदौर भी 13 प्रति. पीछे
आज बारिश को लेकर येलो अलर्ट
इंदौर। इस साल मानसून मध्यप्रदेश (MP) से रुठा नजर आ रहा है। मौसम विभाग (Meteorological Department) के अनुसार 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन (Monsoon season) में अब तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 55 में से 41 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। सिर्फ 13 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज हुई, जबकि एक जिले में बारिश सामान्य रही। प्रदेश में कुल बारिश सामान्य से 12त्न कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में कमी 16त्न और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 9त्न है।
भोपाल मौसम केंद्र द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार बारिश की कमी के मामले में मैहर सबसे पीछे है। यहां सामान्य से 58त्न कम बारिश हुई है। इसके बाद इंदौर संभाग के आलीराजपुर में 47त्न, रीवा में 46त्न, मुरैना में 38त्न, नर्मदापुरम में 34त्न, पांढुर्णा में 33त्न और टीकमगढ़ में 31त्न कम बारिश दर्ज हुई है। सागर और धार में 29त्न, जबकि जबलपुर में सामान्य से 28त्न कम बारिश हुई है। इंदौर भी बारिश की कमी वाले जिलों में शामिल है। जिले में सामान्य से 13त्न कम बारिश हुई है। सामान्य से कम बारिश वाले जिलों की सूची में इंदौर 27वें नंबर पर है।
इंदौर शहर और पिछड़ा
इंदौर जिले में शहर के साथ महू, सांवेर, हातोद, देपालपुर और गौतमपुरा को मिलाकर औसत निकाला जाता है, जिसके साथ इंदौर जिले में 19.7 इंच बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 22.7 इंच बारिश होती है। वहीं विमानतल स्थित मौसम केंद्र की बात करें तो यहां सिर्फ 17.3 इंच ही बारिश हुई है, जो जिले के औसत से 2.4 इंच और सामान्य से 5.4 इंच कम है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के 55 में से सिर्फ 13 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इनमें इंदौर संभाग का ही बुरहानपुर सबसे आगे है, जहां सामान्य से 39त्न ज्यादा बारिश हुई है। वहीं खरगोन में 26त्न, राजगढ़ में 24त्न, भिंड और भोपाल में 18त्न ज्यादा बारिश दर्ज हुई। गुना में 14त्न और सिंगरौली में 12त्न अधिक बारिश हुई है।
सुबह से ही कई क्षेत्रों में रिमझिम
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके अंतर्गत इंदौर में हलकी से मध्यम बारिश की चेतावनी के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई अन्य जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आज सुबह से आसमान पर बादल छाए हैं और कई क्षेत्रों में रिमझिम बारिश का दौर भी जारी है।
सामान्य से सबसे कम बारिश वाले 5 जिले
क्रम जिला बारिश कमी
1 मैहर 10.9 इंच 58त्न कम
2 आलीराजपुर 12.6 इंच 47त्न कम
3 रीवा 14.2 इंच 46त्न कम
4 मुरैना 11.0 इंच 38त्न कम
5 नर्मदापुरम 22.3 इंच 34त्न कम
सामान्य से सबसे ज्यादा बारिश वाले 5 जिले
क्रम जिला बारिश अधिक
1 बुरहानपुर 27.1 इंच 39त्न ज्यादा
2 खरगोन 24.3 इंच 26त्न ज्यादा
3 राजगढ़ 29.9 इंच 24त्न ज्यादा
4 भिंड 19.4 इंच 18त्न ज्यादा
5 भोपाल 30.3 इंच 18त्न ज्यादा
इस बार अल्पवर्षा की संभावना के चलते जनवरी से ही हो सकती है पानी की किल्लत
इस बार मानसून की बेरुखी के चलते अल्पवर्षा की संभावना है। कल एमआईसी की बैठक में इस पर मंथन हुआ और अफसरों को कहा गया कि जनवरी से ही पानी की किल्लत की संभावना को देखते हुए अपनी तैयारियां चाक-चौबंद कर लें। अगली एमआईसी की बैठक में नए टैंकर खरीदी के प्रस्ताव भी रखे जाएं, ताकि शहर में पानी बांटने के लिए किराए के टैंकरों का सहारा न लेना पड़े।
बीते मार्च-अप्रैल में भी निगम को जल संकट और कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत के कारण बड़े पैमाने पर किराए पर टैंकर अटैच करना पड़े थे और इनकी संख्या आखिरी दौर तक 600 के आसपास पहुंच गई थी। कल एमआईसी की बैठक में जलकार्य समिति प्रभारी अभिषेक शर्मा ने कहा कि इस बार मानसून की स्थिति शहर में ठीक नहीं है और अल्पवर्षा की संभावना लग रही है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में पानी को लेकर जनवरी से ही किल्लत होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए जलकार्य विभाग के अफसर अभी से कई स्थानों पर संपवेल बनाने के साथ अन्य तैयारियां चाक-चौबंद कर लें, ताकि जल संकट में स्थिति ठीक रहे। उन्होंने अफसरों से कहा कि 100 और टैंकर पानी बांटने के लिए खरीदे जाने का प्रस्ताव तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए, तकि उसे मंजूरी दी जा सके। महापौर ने भी अफसरों को अभी से जल संकट वाले स्थान चिह्नित कर वहां कार्य कराने को कहा।
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